Monday, 05 October 2026 | 4:27 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:छह माह में 20,740 प्रसव, सरकारी संस्थानों में 10,805 डिलीवरी

फर्रुखाबाद में अप्रैल से सितंबर 2026 तक 20,740 प्रसव दर्ज हुए। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 10,805 डिलीवरी हुईं, जबकि सितंबर में सर्वाधिक 4,331 प्रसव दर्ज किए गए। इस अवधि में 9,110 जेएसवाई भुगतान और 24,091 टीकाकरण भी हुए।
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फर्रुखाबाद:छह माह में 20,740 प्रसव, सरकारी संस्थानों में 10,805 डिलीवरी
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 04 अक्टूबर 2026 जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के बीच अप्रैल से सितंबर 2026 तक कुल 20,740 प्रसव दर्ज किए गए। इनमें 10,805 प्रसव सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तथा 9,935 प्रसव निजी संस्थागत इकाइयों में हुए। माहवार आंकड़ों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई और सितंबर में सर्वाधिक 4,331 प्रसव हुए।

अप्रैल में 2,175, मई में 3,138, जून में 3,367, जुलाई में 3,596, अगस्त में 4,133 और सितंबर में 4,331 प्रसव दर्ज किए गए। सरकारी संस्थानों में भी प्रसव की संख्या में वृद्धि हुई। अप्रैल में 1,064, मई में 1,526, जून में 1,613, जुलाई में 1,871, अगस्त में 2,341 और सितंबर में 2,390 प्रसव हुए।

अप्रैल से सितंबर के बीच निजी संस्थागत प्रसव की संख्या 9,935 रही। इनमें अप्रैल में 1,111, मई में 1,612, जून में 1,754, जुलाई में 1,725, अगस्त में 1,792 और सितंबर में 1,941 प्रसव दर्ज किए गए।

जननी सुरक्षा योजना के तहत भी भुगतान की प्रक्रिया में तेजी दर्ज हुई। छह माह में कुल 9,110 जेएसवाई भुगतान किए गए। मई में 1,269, जून में 2,399, जुलाई में 1,109, अगस्त में 1,865 और सितंबर में सर्वाधिक 2,468 भुगतान दर्ज किए गए। विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ नियमित टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अप्रैल से सितंबर 2026 तक कुल 24,091 टीकाकरण दर्ज किए गए। अप्रैल में 3,174, मई में 3,581, जून में 5,435, जुलाई में 4,128, अगस्त में 3,765 और सितंबर में 4,008 टीकाकरण किए गए।

महिलाओं में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए FCM थेरेपी के तहत 187 महिलाओं का उपचार किया गया। इसके अलावा 649 आयरन सुक्रोज उपचार तथा जरूरतमंद मरीजों को 496 ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी उपलब्ध कराए गए।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं को समय से उपचार उपलब्ध कराने, जेएसवाई का लाभ दिलाने, नियमित टीकाकरण बढ़ाने तथा एनीमिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।