नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जुलाई 2026 सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त करने की घोषणा कर दी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात और लंबी बातचीत के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने 26 दिनों के उपवास को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ-साथ लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में समाप्त किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने भी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की अपील की थी।
वांगचुक ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला विभिन्न शर्तों पर हुई विस्तृत वार्ता और देश में संभावित तनाव एवं हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कर रहे थे अनशन
सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
मेदांता अस्पताल में हुई मुलाकात
मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इससे पहले अदालत के आदेश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अनशन समाप्त करने का आग्रह किया।
वार्ता के बाद बना सहमति का माहौल
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों और वांगचुक के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसी बातचीत के बाद सहमति का माहौल बना और वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
मुख्य बिंदु:
26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन।
जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया फैसला।
65 सांसदों ने भी अनशन समाप्त करने की अपील की थी।
नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कर रहे थे भूख हड़ताल।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान हुई महत्वपूर्ण वार्ता के बाद अनशन समाप्त हुआ।
