Wednesday, 16 September 2026 | 2:11 AM
उत्तर प्रदेश

कासगंज में शहीद सैनिकों की स्मृति में मासिक सैनिक बंधु बैठक आयोजित

कासगंज में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर मासिक सैनिक बंधु बैठक आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
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कासगंज में शहीद सैनिकों की स्मृति में मासिक सैनिक बंधु बैठक आयोजित
कासगंज में शहीद सैनिकों की स्मृति में सैनिक बंधु बैठक
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कासगंज, 15 सितंबर 2026। शहीद सैनिकों की स्मृति में मंगलवार को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय कासगंज स्थित फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ सभागार में मासिक सैनिक बंधु बैठक का आयोजन किया गया। बैठक से पूर्व शहीद सैनिकों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), कासगंज ने की।

बैठक में स्टेशन हेडक्वार्टर्स, आगरा से कर्नल हिमांशु सावंत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रतिभाग किया। इसके अलावा पुलिस क्षेत्राधिकारी के प्रतिनिधि कल्याण सिंह, निरीक्षक मौर्य सहित जनपद के करीब 15 से 20 पूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं उनके आश्रित मौजूद रहे।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों, सैनिकों एवं उनके आश्रितों की ओर से प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सैनिक परिवारों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कमांडर जगबीर सिंह (अ0प्रा0) ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद के शहीद सैनिकों की स्मृति को स्थायी रूप से सम्मान देने के लिए उनके नाम पर उपवन, तोरणद्वार, स्मारक एवं विद्यालयों के नामकरण से संबंधित कार्यवाही की प्रगति जारी है।

इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत कासगंज को शासनादेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने पूर्व सैनिकों, दिवंगत सैनिकों की पत्नियों एवं उनके आश्रितों को संबोधित करते हुए कहा कि वीर नारियों का सम्मान एवं संरक्षण करना हम सभी का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने सैनिक परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना बनाए रखने पर जोर दिया।

बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की ओर से कोई प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ। अन्य कोई बिंदु न आने पर राष्ट्रगान के साथ बैठक का समापन किया गया।