फर्रुखाबाद:मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 34 स्वास्थ्य केंद्रों पर 1327 मरीजों का हुआ उपचार, 36 चिकित्सकों व 166 पैरामेडिकल स्टाफ ने दी सेवाएं

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 अगस्त 2026 जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का आयोजन 34 पीएचसी एवं यूएचसी पर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इन मेलों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 1327 मरीज पंजीकृत हुए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है। इसका उद्देश्य लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मेलों में सामान्य बीमारियों के उपचार के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, कैंसर, एनीमिया एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और जांच की गई।

1327 मरीजों ने लिया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

आरोग्य मेला की रिपोर्ट के अनुसार कुल 1327 मरीजों में 599 पुरुष, 557 महिलाएं और 171 बच्चे शामिल रहे। मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए 36 चिकित्सकों तथा 166 पैरामेडिकल स्टाफ ने सेवाएं प्रदान कीं।

मेले में त्वचा रोग के 359, गैस्ट्रो रोग के 174, मधुमेह के 178, श्वसन रोग के 187 तथा उच्च रक्तचाप के 87 मरीजों की जांच एवं परामर्श किया गया। इसके अलावा एनीमिया से संबंधित 10 मरीजों की भी जांच की गई तथा कैंसर से संबंधित मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर रहा विशेष जोर

मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कुल 95 गर्भवती महिलाओं (ANC) को आवश्यक जांच, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श दिया गया। बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच कर आवश्यकतानुसार उपचार एवं चिकित्सकीय सलाह प्रदान की गई।

टीबी, हेपेटाइटिस और मच्छरजनित रोगों की हुई जांच

मेले में 31 टीबी संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई। हेपेटाइटिस-बी के 65 तथा हेपेटाइटिस-सी के 62 कार्ड टेस्ट किए गए। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ही जांचों में कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया।

इसके अलावा 205 बुखार पीड़ित मरीजों की जांच एवं परामर्श किया गया। मलेरिया की जांच के लिए 106 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट तथा डेंगू के लिए 42 टेस्ट किए गए। रिपोर्ट के अनुसार मलेरिया और डेंगू का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया।

तंबाकू छोड़ने के लिए किया गया जागरूक

आरोग्य मेले में लोगों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। 20 लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से धूम्रपान एवं तंबाकू से दूरी बनाए रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।

आयुष्मान गोल्डन कार्ड और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

मेले में पात्र लाभार्थियों के 13 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए। वहीं 11 मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया और 28 ABHA ID बनाई गईं। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास से लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद मिली।

आवश्यकता वाले मरीजों को किया गया रेफर

स्वास्थ्य जांच के दौरान गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 762 मरीजों को अन्य रोगों, 95 मरीजों को ANC तथा 3 मरीजों को सामान्य चिकित्सा उपचार के लिए रेफर किया गया। इसके अतिरिक्त नेत्र, ईएनटी, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा सर्जिकल सेवाओं के लिए भी आवश्यकता के अनुसार मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों पर भेजा गया।

सीएमओ ने लोगों से आरोग्य मेले का लाभ उठाने की अपील की

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने जनपदवासियों से मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक जांच कराएं।

उन्होंने विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी, कैंसर, हेपेटाइटिस, एनीमिया एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की समय से जांच कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय से पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के माध्यम से जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीक ही निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

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