फ़िरोज़ाबाद। सम्यक पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को फिरोजाबाद जिले के मिलिक ग्राम में आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. के. मौर्य, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जवाहर लाल, बौद्धिक प्रकोष्ठ के आगरा मंडल महासचिव रामधन शाक्य, फिरोजाबाद के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश कुशवाहा, टूंडला विधानसभा अध्यक्ष अजय कुशवाहा सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जवाहर लाल ने कहा कि सम्यक पार्टी देश की पहली पूर्ण लोकतांत्रिक पार्टी है। यह संगठन और विचारधारा दोनों में लोकतांत्रिक है। चुनाव आयोग में दिए गए सम्यक पार्टी के संविधान के अनुसार किसी भी पद पर कोई भी व्यक्ति और उसके परिवार का व्यक्ति छ: साल से अधिक नहीं रह सकता है। सम्यक पार्टी के मुद्दे भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समता, समानता, कानून व्यवस्था, आदि हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. के. मौर्य ने बताया कि पार्टी के लोकतांत्रिक संविधान के अनुसार अब तक पार्टी में चार राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं। यह चारों राष्ट्रीय अध्यक्ष अलग-अलग परिवारों से रहे हैं। पार्टी की छोटी अवधि में बने चार राष्ट्रीय अध्यक्ष तीन जातियों से, तीन धर्मों से और दो राज्यों से रहे हैं। समय के साथ देश की अन्य विविधताओं से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। सम्यक पार्टी का संगठन उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली में तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा, बसपा, कांग्रेस, राजद, जदयू, एनसीपी, झामुमो आदि दलों के संगठन में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है। ऐसे में ये पार्टियां लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर सकतीं।
बौद्धिक प्रकोष्ठ के आगरा मंडल महासचिव रामधन शाक्य ने कहा कि चुनाव आयोग को दिए गए पार्टी के संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित किसी भी पद पर कोई व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य दो कार्यकाल से अधिक नहीं रह सकता। उन्होंने इसे पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रावधान बताया।
बैठक के अंत में मिलिक ग्राम एवं बूथ कमेटियों का गठन किया गया। सेक्टर कमेटी में भी कुछ पदाधिकारियों को नामित किया गया। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने तथा सम्यक पार्टी के विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
