फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 अगस्त 2026 पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशन में अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे प्रभावी पैरवी अभियान के तहत फतेहगढ़ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
हत्या के मामले में उम्रकैद
थाना मऊदरवाजा में वर्ष 2016 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 390/2016, वाद संख्या 01/2017, धारा 302 व 307 भादवि के मामले में अभियुक्त मनमोहन दास बाबा पुत्र अवधेश कुमार दास निवासी ककियुली, थाना नवाबगंज, जनपद फतेहगढ़ के विरुद्ध विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
13 अगस्त 2026 को मा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास एवं 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
इस मामले में डीजीसी सुदेश प्रताप गंगवार, एडीजीसी पंकज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर हे0का0 सुदेश यादव तथा पैरोकार का0 गुलाम गौस की प्रभावी पैरवी रही।
आर्म्स एक्ट के मामले में तीन वर्ष का सश्रम कारावास
इसी अभियुक्त मनमोहन दास बाबा के विरुद्ध थाना मऊदरवाजा में मुकदमा अपराध संख्या 391/2016, वाद संख्या 02/2017, धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
13 अगस्त 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 4,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस मामले में डीजीसी सुदेश प्रताप गंगवार, एडीजीसी पंकज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर का0 जसबीर सिंह एवं पैरोकार का0 गुलाम गौस की प्रभावी पैरवी रही।
तीन अभियुक्तों को उम्रकैद
वहीं कोतवाली फतेहगढ़ में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 1538/2011, वाद संख्या 13/2012, धारा 302, 201 भादवि एवं 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के मामले में अभियुक्त फरमान पुत्र इस्लाम, सलमान पुत्र इस्लाम तथा परबिन्द पुत्र रामसनेही निवासीगण ग्वालटोली, कोतवाली फतेहगढ़ के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था।
मामले में पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप 13 अगस्त 2026 को एडीजे-2/एससी-एसटी कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास तथा 90-90 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस मामले में एडीजीसी कृष्ण कुमार पाण्डे, एडीजीसी अनुज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर का0 बन्टी कुमार एवं पैरोकार हे0का0 श्याम सिंह की प्रभावी पैरवी रही।
फतेहगढ़ पुलिस के अनुसार अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों में प्रभावी पैरवी का उद्देश्य अपराधियों को न्यायालय से अधिकतम सजा दिलाना है। इन मामलों में हुई दोषसिद्धि को पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन समन्वय की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
