आजमगढ़ की तहसील बुढ़नपुर के थाना अहरौला पुलिस ने फर्जी खतौनी के आधार पर जमीन बेचने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की ठगी करने वाले चार सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक क्रेटा कार और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में अहरौला पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में जांच एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना अहरौला में दर्ज मुकदमा संख्या 241/2026 से संबंधित आरोपी बरामदपुर पुलिया की ओर आ रहे हैं।सूचना के आधार पर पुलिस ने बरामदपुर पुलिया पर घेराबंदी कर एक संदिग्ध क्रेटा कार (यूपी-50 एएक्स-4686) को रोककर तलाशी ली। जांच में घटना में प्रयुक्त कार तथा पांच मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित शोभनाथ सेठ सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे लोगों को फर्जी एवं कूटरचित खतौनी दिखाकर जमीन बेचने का झांसा देते थे। विश्वास में लेकर पीड़ितों से बैंक खाते में आरटीजीएस तथा नकद के माध्यम से लाखों रुपये प्राप्त कर लेते थे, लेकिन न तो जमीन का बैनामा करते थे और न ही धनराशि वापस करते थे। रुपये मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते थे।इस मामले में अतरौलिया थाना क्षेत्र के दुर्गेश कुमार पाण्डेय की तहरीर पर थाना अहरौला में मुकदमा संख्या 241/2026, धारा 420, 467, 468, 471, 504 एवं 506 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।गिरफ्तार आरोपितों में शोभनाथ सेठ (46 वर्ष), सुधीर सेठ (36 वर्ष), इन्द्रभूषण सेठ (23 वर्ष) निवासी मतलूबपुर थाना अहरौला तथा मुन्नीलाल शर्मा (23 वर्ष) निवासी दनियालपुर थाना अहरौला शामिल हैं।पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित शोभनाथ सेठ के विरुद्ध पूर्व से भी धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के तहत 20 से अधिक मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध भी पूर्व में विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।बरामदगीघटना में प्रयुक्त एक क्रेटा कार (UP50 AX 4686)पांच मोबाइल फोनपूरी कार्रवाई थाना अहरौला पुलिस टीम ने उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह के नेतृत्व में की। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपितों ने अब तक कितने लोगों को इसी तरह का शिकार बनाया है।
आजमगढ़:फर्जी खतौनी से 35 लाख की जमीन ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, चार सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश
