अर्जक संघ का दो दिवसीय जिला सम्मेलन नवादा में संपन्न
–राम सहाय प्रसाद बने जिलाध्यक्ष
नवादा(बिहार ) से उपेन्द्र पथिक द्वारा
नवादा, 13 सितंबर।
मानववादी संगठन अर्जक संघ का दो दिवसीय छठा जिला सम्मेलन नवादा के बंधन पैलेस में संपन्न हो गया, जिसमें जिले का सैंकड़ों अर्जक उपस्थित हुए।
सम्मेलन में अगले वर्ष के लिए नयी जिला समिति का गठन भी हुआ जिसमें रामसहाय प्रसाद सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष चुने गए। जबकि परमेश्वर मंडल जिला मंत्री, और भुवनेश्वर प्रसाद संयुक्त मंत्री चुने गए।इंद्रदेव प्रसाद जिला के कोषाध्यक्ष चुने गए।इसके अलावा किशोरी शरण वर्मा, अनामिका कुमारी, महेंद्र यादव, उदय पासवान, संजय आदर्शी, किशोरी प्रसाद, जगदेव प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, आफताब आलम, उगांता देवी,जयपाल प्रसाद, अनिल कुमार, भागीरथ प्रसाद, सत्येंद्र पासवान, आदि कार्यकारणी के सदस्य चुने गए।यह चुनाव बिहार के प्रांतीय महामंत्री दीपक पासवान की देखरेख में संपन्न हुई।
अर्जक संघ के विस्तार में जुटे हुए तमाम अर्जकों को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इसके पूर्व बिहार का अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता, महामंत्री दीपक पासवान, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिवनंदन प्रभाकर, बोकारो की जिलाध्यक्ष श्री मति ऊषा सिंह समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समारोह को संबोधित करते हुए अर्जक संस्कृति को अपनाने , श्रम की महत्ता और वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री और मानववादी दार्शनिक राम स्वरूप वर्मा जी ने महामना बुद्ध के विचार और आचार के आधार पर संस्कार और त्यौहार प्रतिपादित किया है जो देश और समाज के हित में है। इसे अमल में लाकर ही सुख और शांति स्थापित की जा सकती है।
वरिष्ठ नेता उपेन्द्र पथिक ने अर्जक संघ की शिक्षा संबंधी मांगों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे देश में अपराध, अशिक्षा, अंधविश्वास का खत्मा होगी। उन्होंने कहा कि अर्जक संघ की स्थापना 1 जून 1968 को लखनऊ में हुई थी।तब से पूरे देश में संगठन का विस्तार हो गया है और मानववाद की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
अर्जक नेता ब्रह्मदेव प्रसाद ने भी अर्जक संघ के संगठन पर जोर डाला और कहा कि देश के तमाम पिछड़े दलित , आदिवासी और मुसलमानो की उन्नति अर्जक संघ की रीति नीति अपनाने से ही हो सकती है। इसलिए युवा वर्ग को इससे जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सांस्कृतिक परिवर्तन धीरे धीरे होता है। रामस्वरूप वर्मा, जगदेव प्रसाद, ललई सिंह यादव, चौधरी महराज सिंह भारती जैसे महापुरुषों ने इसे सिंचा है।इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी हमलोगों पर है।
नवादा:अर्जक संघ का दो दिवसीय जिला सम्मेलन नवादा में संपन्न
