फर्रुखाबाद:मंडलायुक्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण, राहत कार्यों की ली जानकारी

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 अगस्त 2026 कानपुर मंडल के मंडलायुक्त श्री के. विजयेंद्र पांडियन ने सोमवार को फर्रुखाबाद जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जिला प्रशासन की ओर से संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने तथा राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन की ओर से मंडलायुक्त को बताया गया कि गंगा एवं रामगंगा नदियों का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर तथा खतरे का निशान 137.10 मीटर है। सोमवार को गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर और रामगंगा का जलस्तर 134.00 मीटर दर्ज किया गया। वर्तमान में तहसील सदर के 12, कायमगंज के 20 और अमृतपुर के 30 गांव सहित कुल 62 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।

24 बाढ़ शरणालय और 52 बाढ़ चौकियां संचालित

जनपद में मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें चार शरणालयों—मंडी समिति शमसाबाद, सहकारी समिति मंडी अर्रापहाड़पुर, रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज और रामनिवास डिग्री कॉलेज चित्रकोट राजेपुर—का उपयोग किया जा रहा है। इन शरणालयों में अब तक 630 लोग प्रवास कर चुके हैं और उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं। आवागमन, खोज एवं बचाव कार्य के लिए सदर तहसील में 19 नाव व 6 मोटर बोट, कायमगंज में 20 नाव व 5 मोटर बोट तथा अमृतपुर में 28 नाव व 7 मोटर बोट लगाई गई हैं। इस प्रकार जनपद में कुल 67 नाव और 18 मोटर बोट तैनात हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एक एनडीआरएफ टीम और एक कंपनी फ्लड पीएसी भी मोटरबोट व आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा 53 स्वयंसेवी गोताखोर उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक 196 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें 11,081 लोगों का उपचार किया जा चुका है। 11,906 ओआरएस पैकेट और 13,629 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। प्रशासन ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार मेडिकल कैंप लगातार लगाए जा रहे हैं।

पशुओं के लिए 63 पशु शिविर संचालित हैं। इनमें अब तक 3,974 पशुओं का उपचार और 7,517 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशु राहत शिविरों में 139.98 कुंतल भूसा वितरित किया जा चुका है।

10 हजार परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित

बाढ़ प्रभावित 10 हजार परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 21 परिवारों को 25 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं 25 प्रभावित परिवारों को 80 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन एवं पट्टा किया गया है।

बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए नियमित कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है।

कटरी धर्मपुर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मंडलायुक्त ने सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर अंतर्गत ग्राम बिलावलपुर के मजरा कटरी धर्मपुर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुओं को बाढ़ शरणालय स्थलों पर ही रखा जाए और उनका नियमित टीकाकरण कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बाढ़ क्षेत्र के आसपास की स्वास्थ्य इकाइयों पर 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने बाढ़ के पानी के कटाव से क्षतिग्रस्त पुलिया, सड़क एवं संपर्क मार्गों का चिन्हांकन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उनकी मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जा सके। उन्होंने ग्राम प्रधान से भी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील करने को कहा।

बाढ़ चौकी और शरणालय का निरीक्षण

इसके बाद मंडलायुक्त ने बाढ़ चौकी धारानगरी का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बाढ़ की स्थिति, निगरानी व्यवस्था और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सूखी राहत सामग्री भी वितरित की।

मंडलायुक्त ने रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शरणालय में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर भोजन, पेयजल, प्रकाश, साफ-सफाई, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त श्री के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लें और आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने भविष्य में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार सहित संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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