भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के कुछ ही दिनों बाद अपने भविष्य को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने वाले रहाणे ने कहा कि उन्हें अपने फैसले को लेकर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने खिलाड़ी के तौर पर अपना 200 प्रतिशत दिया और अब वह दुनिया भर की टी20 लीग में खेलते हुए अपना अनुभव साझा करना चाहते हैं। साथ ही, भविष्य में कोच और मेंटर की भूमिका निभाने को लेकर भी वह उत्साहित हैं।
रहाणे को यूरोप की पहली आईसीसी-सैंक्शन प्राप्त टी20 लीग यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) के उद्घाटन सत्र के लिए एम्सटर्डम फ्लेम्स का मार्की प्लेयर बनाया गया है। लीग का पहला सत्र 26 अगस्त से 20 सितंबर तक खेला जाएगा, जिसमें छह शहर आधारित फ्रेंचाइजी 33 मुकाबलों में हिस्सा लेंगी।
रहाणे ने 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की थी। अब वह नई भूमिका में यूरोपीय क्रिकेट के विकास का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि यूरोप क्रिकेट के लिए एक रोमांचक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और वह इस क्षेत्र में खेल के विकास में योगदान देना चाहते हैं। एम्सटर्डम फ्लेम्स के सह-संस्थापक और मुख्य क्रिकेट अधिकारी तथा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने रहाणे का स्वागत करते हुए उनके कौशल, धैर्य, विनम्रता और नेतृत्व क्षमता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि रहाणे का अनुभव और व्यक्तित्व टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
