फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 अगस्त 2026 गंगा और रामगंगा नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण जनपद के 33 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। राहत शिविर, मेडिकल कैंप, नावों की तैनाती और एनडीआरएफ समेत सभी संबंधित एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं।
सिंचाई विभाग के अनुसार मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। बाढ़ से सदर तहसील के 9, कायमगंज के 12 और अमृतपुर के 12 गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में कुल 23,367 लोग और 4,855 परिवार प्रभावित हैं।
प्रभावित लोगों के लिए जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। मंडी समिति रामसवाईद और रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित राहत शिविरों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है, जहां भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी सक्रिय हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तीनों तहसीलों में 50 नावें और 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक एनडीआरएफ टीम और पीएसी फ्लड यूनिट की एक कंपनी आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहां अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। लोगों को 272 ओआरएस पैकेट और 896 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम सहित सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
पशुधन की सुरक्षा के लिए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार और 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुओं के लिए चारा और भूसे की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम से संपर्क करें। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ लगातार जारी हैं।
