बिहार में नया विश्वविद्यालय अधिनियम लाने की तैयारी, राज्यपाल ने की बैठक

बिहार सरकार उच्च शिक्षा के नियामकीय ढांचे को सरल, आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अन्य राज्यों तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं के आधार पर नया विश्वविद्यालय अधिनियम (यूनिवर्सिटी एक्ट) लागू करने की तैयारी कर रही है. इस संबंध में निर्णय राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति सैयद अता हसनैन की अध्यक्षता में शुक्रवार (26 जून, 2026) को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया.

इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री संजय सिंह टाइगर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. राज्यपाल सचिवालय की ओर से बताया गया है कि उच्च शिक्षा के नियामकीय ढांचे में सुधार के लिए 15 राज्यों के विश्वविद्यालय अधिनियमों का अध्ययन कर एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया गया है. बैठक में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने और उपयुक्त प्रावधानों को नए विश्वविद्यालय अधिनियम में शामिल करने का निर्णय लिया गया.

बयान के अनुसार, बैठक में राज्य के नवस्थापित 211 सरकारी डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की संविदा आधारित नियुक्ति के लिए केंद्रीकृत भर्ती प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी दी गई. दूसरी ओर संकाय विकास कार्यक्रम के लिए तैयार दिशा-निर्देशों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास के लिए वर्ष में कम-से-कम एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित करना अनिवार्य होगा.

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