फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 जून 2026 जनपद पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष के अथक प्रयासों के चलते दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता हासिल हुई है।
सड़क दुर्घटना मामले में दो वर्ष का कारावास
कोतवाली फतेहगढ़ में वर्ष 1998 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 170/1998, धारा 279, 337, 338 एवं 304ए भारतीय दंड संहिता के तहत अभियुक्त रामरतन उर्फ गुड्डू पुत्र गल्लर निवासी ऊदपुर गिहलवा, थाना बदलापुर, जनपद जौनपुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष तथा कोर्ट पैरोकारों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप एसीजेएम न्यायालय ने 17 जून 2026 को अभियुक्त रामरतन उर्फ गुड्डू को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा 7,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस मामले में एपीओ अंकित कुमार, कोर्ट मोहर्रिर महिला आरक्षी आरती शर्मा तथा पैरोकार हेड कांस्टेबल जयचन्द्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हत्या और लूटकांड के चार दोषियों को उम्रकैद
दूसरे मामले में कोतवाली कायमगंज में वर्ष 2018 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 126/2018, धारा 302, 394 एवं 411 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। मामले में अभियुक्त श्रीमती विमलेश यादव पत्नी नेपाली यादव उर्फ प्रवेश यादव, नेपाली यादव उर्फ प्रवेश यादव पुत्र रामनरेश निवासी अताईपुर जदीद, कोतवाली कायमगंज तथा शिवम उर्फ अनुपम शुक्ला पुत्र शिवदीन प्रकाश शुक्ला एवं रवि उपाध्याय पुत्र अनिल उपाध्याय निवासी रोशनाबाद, हरिद्वार (उत्तराखंड) शामिल थे।
विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष तथा कोर्ट पैरोकारों की प्रभावी पैरवी के चलते एडीजे तृतीय/डकैती कोर्ट ने 17 जून 2026 को चारों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
इस मामले में एडीजीसी हरिनाथ सिंह, एडीजीसी संजीव पाल, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल अनुज चौधरी तथा पैरोकार कांस्टेबल विवेक कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए जनपद स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग और न्यायालय में मजबूत पैरवी की जा रही है, जिससे कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
