फर्रुखाबाद:बाढ़ से निपटने को तैयार जिला प्रशासन, 52 चौकियां और 24 शरणालय बनाए गए

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 जून 2026 मानसून के आगमन से पहले जिले में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। प्रशासन का दावा है कि गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में 77 अतिसंवेदनशील तथा 112 संवेदनशील गांवों को चिन्हित कर विशेष निगरानी की योजना बनाई गई है। 15 जून के बाद सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

मौसम विभाग के अनुसार 15 से 25 जून के बीच मानसून के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। जिले के लगभग 68 किलोमीटर लंबे गंगा तटीय क्षेत्र में हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। कई इलाकों में बाढ़ के साथ नदी कटान की समस्या भी गंभीर बनी रहती है।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 तथा अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। वहीं सदर में 4, कायमगंज में 15 तथा अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियों की स्थापना की जाएगी। इस प्रकार जिले में कुल 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय तैयार किए गए हैं।

राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए सदर तहसील में 30, कायमगंज में 54 तथा अमृतपुर में 107 नावों एवं नाविकों की तैनाती की जाएगी। कुल 191 नावों को आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए तैयार रखा गया है।

डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 तथा अमृतपुर में 20 गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ चौकियों, शरणालयों तथा राहत सामग्री की व्यवस्था समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

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