बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए सोमवार (01 जून, 2026) को बड़ी खबर आई है. शिक्षकों की समस्याओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में महत्वपूर्ण संशोधित निर्देश जारी किए गए हैं. इससे राज्य के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है.
एससीईआरटी की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विभिन्न कारणों से प्रशिक्षण से वंचित रह गए शिक्षकों को वर्ष 2026-27 में पुनः प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जाएगा. इसमें विशेष रूप से एसआईआर (SIR) कार्य, विधानसभा चुनाव संबंधी दायित्वों और स्वास्थ्य कारणों से प्रशिक्षण में भाग नहीं ले सके शिक्षकों को शामिल किया गया है.
इसके अतिरिक्त एक जून से 20 जून 2026 तक निर्धारित ग्रीष्मावकाश अवधि के दौरान यदि कोई शिक्षक पूर्व निर्धारित योजना के तहत मुख्यालय से बाहर रहता है और प्रशिक्षण में भाग नहीं ले पाता है तो उसके विरुद्ध किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी. यह निर्णय शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
इस क्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, “राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों के हितों और सुविधाओं के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध एवं संवेदनशील है. शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग सदैव सकारात्मक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाता रहा है.”
मिथिलेश तिवारी ने कहा, “सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को अनावश्यक कठिनाइयों में डालना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें.”
बता दें कि यह प्रशिक्षण केवल पांच दिवसीय आवासीय होगा और प्रशिक्षण अवधि के बदले शिक्षकों को क्षतिपूर्ति अवकाश (Compensatory Leave) भी प्रदान किया जाएगा.
