लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश में अब झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी मामले में जांच के दौरान तथ्य गलत पाए जाते हैं या झूठी गवाही सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
डीजीपी ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि हर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग रोका जा सके।
दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 14 जनवरी 2026 को पुलिस को इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने कहा था कि जांच के बाद यदि आरोप गलत साबित होते हैं, तो ऐसे मामलों की सूची तैयार की जाए और झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
डीजीपी ने आगे निर्देश दिया कि जिन मामलों में पुलिस कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) लगाती है और आरोपी निर्दोष पाया जाता है, उन मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। यह जांच की जाएगी कि कहीं पुलिस तंत्र का दुरुपयोग तो नहीं हुआ है।
इस सख्ती का उद्देश्य न्याय प्रणाली में पारदर्शिता लाना और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों से राहत दिलाना है। साथ ही, यह कदम कानून के दुरुपयोग पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
