लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र के अध्ययन, अध्यापन और शोध को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना के निर्देश दिए। इस पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने खुशी व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ मंत्र को आत्मसात करते हुए 12 सितंबर से 12 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होने वाले इस अभियान से हर किसान और ग्रामीण परिवार को सहकारिता से जोड़ा जाए।
वर्ष 2023 के पहले सदस्यता महाअभियान में 30 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े थे, जिनमें 17.33 लाख किसान, 3.92 लाख अकुशल श्रमिक, 1.56 लाख कुशल श्रमिक, 2.20 लाख पशुपालक और 6,411 मत्स्यपालक शामिल थे। इस अभियान से सहकारिता क्षेत्र को ₹70 करोड़ का अंशदान मिला था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दूसरे महाअभियान को और व्यापक बनाया जाए तथा गांव-गांव में कैंप, ऑनलाइन/ऑफलाइन पंजीकरण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।
सीएम योगी ने कहा – “किसान और जमाकर्ताओं का विश्वास ही सहकारिता की असली पूंजी है। इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाए। सहकारिता भारतीय ग्रामीण समाज की प्राचीन परंपरा है और समाज को एकजुट रखने में इसकी बड़ी भूमिका है।”
बैठक में सहकारी बैंकिंग सुधारों की समीक्षा भी की गई। बताया गया कि 2017-18 से 2024-25 तक राज्य सरकार ने 16 बंद जिला सहकारी बैंकों को ₹306.92 करोड़ की सहायता से पुनर्जीवित किया है। इन बैंकों का एनपीए 2017 में ₹800 करोड़ से घटकर मार्च 2025 में ₹278 करोड़ पर आ गया है। मार्च 2025 तक ₹1,000 करोड़ का ऋण व्यवसाय दर्ज हुआ और सभी बैंक लाभ में पहुंच गए।
इसके अलावा, वर्ष 2024-25 में 266 एम-पैक्स के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 457 नए एम-पैक्स गठित किए जा चुके हैं, जबकि 1,088 ग्राम पंचायतों में गठन की प्रक्रिया जारी है। उर्वरक वितरण हेतु एम-पैक्स को ₹10 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण सीमा दी गई है, जिससे अब तक ₹5,400 करोड़ का टर्नओवर और ₹120 करोड़ की मार्जिन मनी प्राप्त हुई है।
डिजिटलाइजेशन की दिशा में 6,101 सोसाइटी में QR/UPI आधारित प्रणाली लागू हो चुकी है। व्यवसाय विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 5,170 एम-पैक्स में सीएससी सेवाएं, 6,443 एम-पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और 161 एम-पैक्स में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में यूपी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
