बरेली/आंवला। आंवला में सोमवार को सवर्ण समाज ने यूजीसी (UGC) से संबंधित प्रावधानों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा को सौंपा।
प्रदर्शन से पहले, कस्बे के पुरैना मंदिर परिसर में सवर्ण समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इसके बाद, पुरैना से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी नगर में घूमे और तहसील परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
सवर्ण समाज ने बताया कि वे केंद्र और राज्य सरकारों का ध्यान सामाजिक समरसता, समान अवसर और संविधान सम्मत न्याय की भावना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी वर्ग, जाति या समुदाय के अधिकारों को कम करना नहीं है। उनकी मुख्य मांग यह है कि देश के प्रत्येक नागरिक और विद्यार्थी को समान अवसर, न्याय और सम्मान मिले।
समाज ने ऐसी व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की भी मांग की, जिनसे समाज में असंतोष या असमानता की भावना उत्पन्न हो रही हो।
उनकी मांगों में यूजीसी से संबंधित विवादित प्रावधानों की वापसी और पुनर्विचार शामिल है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किए जा रहे ऐसे यूजीसी नियमों/प्रावधानों की तत्काल व्यापक समीक्षा की मांग की, जिनको लेकर विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों में भेदभाव या दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की जा रही है।
सवर्ण समाज ने यह भी मांग की कि विद्यार्थियों के हित, प्राकृतिक न्याय और समानता के सिद्धांत को सर्वोपरि रखते हुए विवादित प्रावधानों को वापस लिया जाए। साथ ही, किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों, छात्र संगठनों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों से व्यापक संवाद किया जाए। आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक एवं न्यायसंगत संशोधन भी उनकी प्रमुख मांगों में से एक है। उन्होंने देश में आरक्षण व्यवस्था की वर्तमान सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप निष्पक्ष और व्यापक समीक्षा की मांग की। समाज का कहना है कि आरक्षण का वास्तविक लाभ उन परिवारों और व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें इसकी वास्तविक आवश्यकता है।
उन्होंने सरकार से इस विषय पर सभी वर्गों, संवैधानिक विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित करने और संविधान के दायरे में आवश्यक संशोधनों पर विचार करने का आग्रह किया। उनका उद्देश्य किसी वर्ग का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि ऐसी न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग करना है जिसमें अवसरों का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और समाज में समरसता बनी रहे।
इस दौरान अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के भुवनेश्वर सिंह, जय गोविंद सिंह, गोपाल सिंह , जयदीप पाराशरी, संजय सक्सेना, दुर्गेश सक्सेना, अतुल कुमार सिंह एडवोकेट, विमल त्रिपाठी, अनिल कुमार, आर्योेंद्र सिंह, जय दुर्गेश सिंह एडवोकेट, महेश सक्सेना, प्रवीण कुमार सिंह समेत भारी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
बरेली/आंवला में सवर्ण समाज ने किया प्रदर्शन, यूजीसी प्रावधानों की समीक्षा और आरक्षण में संशोधन की मांग।
