Tuesday, 15 September 2026 | 3:24 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद की ऐतिहासिक लोको दरगाह शरीफ का 266वां सालाना उर्स 28 जुलाई से, चार दिनों तक गूंजेगी सूफियाना फिज़ा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 जुलाई 2026 जनपद की ऐतिहासिक एवं गंगा-जमुनी तहज़ीब की प्रतीक खानकाह हज़रत मखदूम शाह सय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा की लोको दरगाह शरीफ पर 266वें सालाना उर्स का आयोजन 28 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इसकी जानकारी दरगाह परिसर में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता म
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फर्रुखाबाद की ऐतिहासिक लोको दरगाह शरीफ का 266वां सालाना उर्स 28 जुलाई से, चार दिनों तक गूंजेगी सूफियाना फिज़ा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 जुलाई 2026 जनपद की ऐतिहासिक एवं गंगा-जमुनी तहज़ीब की प्रतीक खानकाह हज़रत मखदूम शाह सय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा की लोको दरगाह शरीफ पर 266वें सालाना उर्स का आयोजन 28 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इसकी जानकारी दरगाह परिसर में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम उर्फ़ मुहम्मद मियां ने दी।

उन्होंने बताया कि चार दिवसीय उर्स में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन, मुरीदीन तथा विभिन्न धर्मों के श्रद्धालु शामिल होंगे। दरगाह हमेशा से कौमी एकता, भाईचारे और गंगा-जमुनी संस्कृति का केंद्र रही है। सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर-ए-आम की व्यवस्था की गई है तथा अकीदतमंद फूल और चादर पेश कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ करेंगे।

उर्स में उत्तराखंड के साबिर पाक कलियर शरीफ से शेखुल मशाइख हज़रत शाह अली मंजर ऐजाज कुद्दूसी, रुदौली शरीफ के शाह अम्मार अहमद अहमदी उर्फ़ नय्यर मियां, देवा शरीफ के सैय्यद आले मुस्तफा (सोहेल मियां), मकनपुर शरीफ के मौलाना प्रो. सैय्यद मुक्तिदा हुसैन जाफरी मदारी सहित कई प्रतिष्ठित सूफी संत, सज्जादागान, उलमा और शायर मौजूद रहेंगे। वहीं रामपुर, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और शमसाबाद के प्रसिद्ध कव्वाल अपनी प्रस्तुतियों से महफिलों को रौनक देंगे।

चार दिनों तक होंगे विविध धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन

28 जुलाई (मंगलवार) को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी, शाम 6 बजे चिरागा रोशनी तथा रात में तहफ्फुज-ए-अहले सुन्नत कॉन्फ्रेंस, नातिया मुशायरा और धार्मिक व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।

29 जुलाई (बुधवार) को सुबह संयुक्त मीडिया प्रेस वार्ता होगी। दोपहर बाद पहला कुल शरीफ आयोजित किया जाएगा, जबकि रात 9:30 बजे महफिल-ए-कव्वाली और दूसरे कुल शरीफ का आयोजन होगा।

30 जुलाई (गुरुवार) को दोपहर बाद भुल्लन शाह दरगाह से पारंपरिक चादर और सरकारी गागर का जुलूस लोको कॉलोनी से होते हुए दरगाह पहुंचेगा। शाम को लंगर तथा रात में महफिल-ए-कव्वाली, तीसरा कुल शरीफ, पुस्तक "नफ़हाते मोहब्बत" का विमोचन और दस्तारबंदी कार्यक्रम आयोजित होगा।

31 जुलाई (शुक्रवार) को फज्र के बाद गुस्ल-ए-मजार, कुरआन ख्वानी और हल्क़ा-ए-जिक्र होगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 2:02 बजे तक चौथा एवं बड़ा कुल शरीफ आयोजित किया जाएगा। इसके उपरांत लंगर-ए-आम का वितरण किया जाएगा। जुमे की अजान दोपहर 12:30 बजे तथा खुत्बा 12:45 बजे होगा।

प्रेस वार्ता में मौलाना शोएब आतीर मदारी, आलम साबरी, मोहम्मद अफजल नियाजी, हाजी वसीम जमा, तनवीर खान अंसार साबरी, हाफिज अरशद आफताब साबरी, प्रवीन, शिवम, सिद्धार्थ गुप्ता, रफत हुसैन, मोहम्मद हनीफ उर्फ़ बबलू भाई सहित दरगाह मीडिया टीम के सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दरगाह प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से उर्स में शामिल होकर अमन, भाईचारे और इंसानियत के इस संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की है।