। मिश्रित सीतापुर / महर्षि दधीचि की पावन तपो भूमि कस्बा मिश्रित हमेशा से त्याग तपस्या का केन्द्र बिन्दु रहा है । यहां पर स्थित महर्षि दधीचि आश्रम इस बात का ठोस गवाह है । उन्होने लोक कल्याण के लिए अपनी अस्थियां तक का दान देवताओं को दे दिया था । उनकी अस्थियों से कई दिब्य अस्त्रों का निर्माण हुआ था । उन्ही दिब्य अस्त्रो से दैत्यों का संहार देवताओं ने किया था । इतना पवित्र कस्बा मिश्रित हमेशा से उपेक्षा का दंश झेल रहा है । यहां पर आने वाले यात्रियों के लिए सरकारी धर्मशाला आदि की कोई सुबिधा नही है । आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी इस धर्मनगरी में एक रोडवेज बस स्टाप तक नही बन सका है । यहां की सड़कों पर बेतरतीब तरीके से रोडवेज सहित प्राइवेट वाहन खड़े होकर सवारियां भरते हैं। जिससे आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है । इस जाम में रोजाना अधिकारियों सहित जन प्रतिनिधि भी फंसते हैं । फिर भी जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं । यात्रा करने में कठिनाइयों के दौर से गुजरते है तीर्थ यात्री । धार्मिक कस्बा होने के कारण प्रति दिन दिल्ली , हरदोई , सीतापुर , लखनऊ , आगरा , नेपाल , आंध्र प्रदेश आदि देशो से सैकड़ों यात्रियों का आवागमन बना रहता है । कस्बा मिश्रित से परिवहन विभाग के अलावा लग भग 40 निजी बसों का संचालन होता है । सफर करने वाले यात्रियों को सर्दी , गर्मी , बरसात में खुले आसमान के नीचे खड़े होकर प्रतीक्षा करनी पड़ती है । वाहन चालक सड़क किनारे वाहनों को खड़ा करके सवारियां भरते है । जिससे घंटो जाम की झाम में लोग फंसे रहते है । रोडवेज बस स्टाप निर्मित कराने हेतु कस्बा मिश्रित में ही दधीचि मंदिर की सैकड़ो बीघे पड़ी है भूमि । रोडवेज बस स्टाप निर्मित कराने हेतु सीतापुर हरदोई मुख्य मार्ग पर सैकड़ो बीघे महर्षि दधीचि मंदिर की ही भूमि मौजूद है । स्थानीय निवासियों व्दारा रोड वेज बस स्टाप निर्मित कराने हेतु यहां के सांसद , विधायक सहित विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है । परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई है । कस्बा मिश्रित में रोडवेज बस स्टाप बनने से तीर्थ यात्रा करने वाले यात्रियों सहित स्थानीय निवासियों को बाहर की यात्रा करना आसान हो जाएगा । आपको बता दें कि लोक सभा मिश्रित से आजादी के बाद सात बार कांग्रेस , तीन बार बसपा , तीन बार भाजपा , एक बार सपा व एक बार जनसंघ के सांसद रहे है । लेकिन मिश्रित के विकास की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया । जबकि मौजूदा भाजपा सरकार का ध्यान मिश्रित क्षेत्र पर केन्द्रित है । परन्तु जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते धार्मिक कस्बा मिश्रित अपनी दुर्दशा पर आंशू बहा रहा है ।
सीतापुर:महर्षि दधीचि की पावन तपो भूमि मिश्रित में कोई सरकारी सुबिधाऐं न होने से यात्रियों को करना पड़ रहा कठिनाइयों का सामना
