Saturday, 26 September 2026 | 11:47 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:पोक्सो जागरूकता अभियान का शुभारंभ, जनपद न्यायाधीश ने न्याय रथ को दिखाई हरी झंडी

फर्रुखाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पोक्सो अधिनियम-2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया। जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार ने न्याय रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के दौरान विद्यालयों में बच्चों को बाल सुरक्षा कानूनों और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।
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फर्रुखाबाद:पोक्सो जागरूकता अभियान का शुभारंभ, जनपद न्यायाधीश ने न्याय रथ को दिखाई हरी झंडी
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 25 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), फर्रुखाबाद द्वारा 25 सितंबर 2026 को बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम, 2012 के संबंध में विशेष व्यापक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया।

जिला न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नीरज कुमार ने जन-जागरूकता के लिए विशेष प्रचार वाहन ‘न्याय रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में VI अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी श्री संजय कुमार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती बिंदिया भटनागर सहित न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल लॉयर, पराविधिक स्वयंसेवक एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।

जनपद न्यायाधीश ने बताया कि अभियान का प्रथम चरण 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान न्यायिक अधिकारी विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम और बाल सुरक्षा कानूनों के संबंध में जागरूक करेंगे। न्यायालयीन कार्य प्रारंभ होने से पूर्व मॉर्निंग असेंबली के माध्यम से भी बच्चों को कानूनी जानकारी दी जाएगी।

अभियान के दूसरे चरण में 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर प्रभात फेरी, जागरूकता शिविर, चित्रकला प्रतियोगिता और स्थानीय भाषा में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटी गठित की गई है, जिसमें जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हैं।

जनपद न्यायाधीश ने पोक्सो कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है। उन्होंने किशोर-किशोरियों और अभिभावकों को कानून की जानकारी रखने तथा किसी भी प्रकार के बाल लैंगिक अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि पोक्सो अधिनियम की धारा 19 के तहत बच्चे के प्रति अपराध की जानकारी होने पर पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकारी को सूचना देना आवश्यक है। सूचना छिपाना भी कानून के तहत अपराध है। साथ ही, सूचना देने वाले व्यक्ति और पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान है।

उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, विधि छात्रों और आमजन से अपील की कि वे न्याय रथ और जागरूकता अभियान के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं। बाल उत्पीड़न अथवा आपात स्थिति में 1098 (चाइल्डलाइन), 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा) और 15100 (लीगल सेवा हेल्पलाइन) पर संपर्क किया जा सकता है।