नवाचार से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ें युवा, सोरों पॉलिटेक्निक में गूंजा ‘सेवा फर्स्ट’ का संदेश
कासगंज। विकसित भारत @2047 के संकल्प को तकनीकी नवाचार से जोड़ने की पहल के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक सोरों में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज–2026 (SFIC–2026) को लेकर जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को महज नौकरी तलाशने वाले युवा नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का तकनीकी समाधान खोजने वाले नवाचारकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में “सेवा संकल्प अभियान–विकसित भारत @2047 के निर्माण में युवाओं का योगदान” विषय पर विशेष चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) एवं शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पहल के तहत युवाओं को नए विचार विकसित करने, प्रोटोटाइप तैयार करने और तकनीकी नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विचार से प्रोटोटाइप तक, समाधान पर जोर
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को SFIC–2026 में सहभागिता की प्रक्रिया और नवाचार आधारित विचारों को व्यावहारिक रूप देने की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों से समाज की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय समस्याओं को पहचानकर तकनीकी एवं रचनात्मक समाधान विकसित करने का आह्वान किया गया।
प्रधानाचार्य राजन सिंह ने छात्र-छात्राओं और संस्थान के समस्त स्टाफ से नवाचार तथा सेवा भावना के साथ सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, तकनीकी कौशल, सामाजिक उत्तरदायित्व और विकसित भारत @2047 के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।