Monday, 14 September 2026 | 11:00 PM
उत्तर प्रदेश

जल ही जीवन है ,जल है तो कल है: जय प्रकाश श्रीवास्तव

विश्व जल दिवस के अवसर पर निस्पक्छ मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश श्रीवास्तव ने समस्त देशवासियों और संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों को अनंत कोटि शुभकामनाएं दीं और कहा की आज विश्व जल दिवस के रूप में हम सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए. हमारे पूर्वजों ने इतने अच्छे-अच्छे बाग बग
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जल ही जीवन है ,जल है तो कल है: जय प्रकाश श्रीवास्तव
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विश्व जल दिवस के अवसर पर निस्पक्छ मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश श्रीवास्तव ने समस्त देशवासियों और संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों को अनंत कोटि शुभकामनाएं दीं और कहा की आज विश्व जल दिवस के रूप में हम सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए. हमारे पूर्वजों ने इतने अच्छे-अच्छे बाग बगीचे तैयार करके दिए थे. आज हम अपने बच्चों को पेड़ काटकर खेत बनाकर अधिक से अधिक हाइब्रिड की उपज से जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं .यह भूल जाते हैं हाइब्रिड और दवाओं के प्रयोग से तैयार हो रही बड़ी से बड़ी गोभी, आलू, बैगन, लौकी, टमाटर ज्यादा पैदावार वाले अन्न खाने के कारण आज हमारे शरीर में ज्यादा से ज्यादा रोग पनप रहे हैं . बीपी, शुगर, कैंसर भयंकर बीमारी तैयार हो रही है .पेड़ के कटने से जलवायु में भी परिवर्तन पाया जा रहा है. बरसात अपने न्यूनतम स्तर पर जाती रही. धरती से जल दोहन करके सिंचाई तो हम करते हैं. पीने का पानी तो हम लेते हैं . किंतु धरती माता के जलस्तर को बनाए रखने के लिए जरा सा भी नहीं सोचते. सरकार द्वारा बाकायदा नियम बनाकर जल स्तर रोकने की प्रक्रिया जारी है. बड़े-बड़े महानगरों में 1 इंच जमीन भी सड़क आरसीसी से खाली नहीं. इसीलिए वाटर रिचार्जिंग सिस्टम की बात की जाती है. हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए धरती से दी जा रही पानी की जरूरत को कम करते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर वातावरण के दोहन को रोकना होगा.हमारे सगठन निष्पक्ष मीडिया फाउंडेशन की पहल है की इस पर ध्यान देना होगा अपने बच्चों के भविष्य के लिए अत्यधिक जल दोहन से बचें. उचित मात्रा में जल का उपयोग करें. पानी को बर्बादी से बचाएं. जल ही जीवन है .