Tuesday, 15 September 2026 | 11:15 AM
भारत

उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों के आंदोलन में हिंसा के बाद मामला पूरी तरह से गर्मा गया है. विपक्ष के बाद अब बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह भी मजदूरों के समर्थन में आ गए

उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों के आंदोलन में हिंसा के बाद मामला पूरी तरह से गर्मा गया है. विपक्ष के बाद अब बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह भी मजदूरों के समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि 12 हजार में कैसे किसी का घर चल सकत
Share:
उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों के आंदोलन में हिंसा के बाद मामला पूरी तरह से गर्मा गया है. विपक्ष के बाद अब बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह भी मजदूरों के समर्थन में आ गए
Read in your preferred language.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों के आंदोलन में हिंसा के बाद मामला पूरी तरह से गर्मा गया है. विपक्ष के बाद अब बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह भी मजदूरों के समर्थन में आ गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि 12 हजार में कैसे किसी का घर चल सकता है, कहा कि मजदूरों की मजदूरी बहुत कम है, इसमें आदमी जी भी नहीं सकता.

बृजभूषण शरण सिंह पत्रकारों द्वारा इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों अपर जबाब दे रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है. उधर बुधवार को भी नोएडा में कई फैक्ट्रियों के बाहर मजदूर एकत्रित हुए. मजदूरों की सैलरी पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मजदूरों की मजदूरी बहुत कम है.12 हजार रुपए सम्मानजनक मजदूरी नहीं है.इसमें आदमी जी भी नहीं सकता.” आगे बोले कि मजदूर गांव छोड़कर जाते हैं. अगर 11-12 हजार रुपया उनको मिलता है तो 3-4 हजार का कमरा हो जाता है. बहुत सामान्य भोजन करें तो 3-4 हजार रुपए इसमें चले जाते हैं. सौ दो सौ रुपया बचता है, अगर बीमार हो जाए तो सब खत्म.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "ऐसा लगता है इनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है." इसके पीछे कौन हो सकता है के सवाल पर कहा, "देखिए भाई, मैं बहुत ज्यादा बवाल में पड़ने वाला व्यक्ति नहीं हूं. हम जानते हैं कि मजदूरी कम है. जो बाहर जाकर मजदूरी कर रहे हैं, उनकी मजदूरी थोड़ा बढ़ना चाहिए."