Tuesday, 06 October 2026 | 3:55 AM
उत्तर प्रदेश

लखीमपुर खीरी : मातृ नवमी पर आर्य समाज में किया गया विशेष वैदिक हवन, गायत्री मंत्र व वेद मंत्रों से दी गई आहुतियां

सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति में मातृ नवमी का दिन उन सभी माताओं, पिताओं और पूर्वजों को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें जीवन और संस्कार दिए।
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लखीमपुर खीरी : मातृ नवमी पर आर्य समाज में किया गया विशेष वैदिक हवन, गायत्री मंत्र व वेद मंत्रों से दी गई आहुतियां
लखीमपुर खीरी : मातृ नवमी पर आर्य समाज में किया गया विशेष वैदिक हवन, गायत्री मंत्र व वेद मंत्रों से दी गई आहुतियां
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गोला गोकर्णनाथ: मातृ नवमी के पावन अवसर पर रविवार को गोला गोकर्णनाथ के आर्य समाज मंदिर में आर्य समाज द्वारा विशेष वैदिक यज्ञ (हवन) का आयोजन किया गया। जिसमें आचार्य अवधेश कुमार मिश्रा द्वारा आर्य समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से वैदिक मंत्रों के उच्चारण, अग्नि स्थापना, और शुद्ध घी व हवन सामग्री की आहुतियों के साथ हवन कराया गया। 

इस अनुष्ठान के माध्यम से मातृ शक्ति के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की गई और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं के कल्याण व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।


सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति में मातृ नवमी का दिन उन सभी माताओं, पिताओं और पूर्वजों को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें जीवन और संस्कार दिए। आर्य समाज की वैदिक रीति के अनुसार किया गया यह हवन न केवल पर्यावरण को शुद्ध करता है, बल्कि हमारे मन में कृतज्ञता के भाव को भी जगाता है।

आर्य समाज इस हवन के माध्यम से समाज को यह संदेश देता है कि पितरों की तृप्ति केवल पाखंड या अंधविश्वास से नहीं, बल्कि शुभ कर्मों, ज्ञान के प्रचार और पर्यावरण शुद्धि (यज्ञ) से होती है।

इस अवसर पर आर्य समाज के मंत्री ओम प्रकाश वैश्य, प्रधान गुरुशरण पाठक, उपमंत्री श्रवण माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष नवीन भसीन, पुस्तकाध्यक्ष विमलेश शुक्ला, गोपाल कृष्ण शुक्ला,आदर्श कुमार गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।