Saturday, 26 September 2026 | 10:55 AM
उत्तर प्रदेश

लखीमपुर खीरी : ​श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती

शुक्रवार को प्रखर राष्ट्रवादी, प्रख्यात चिंतक एवं एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उल्लास के साथ मनाई गई।
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लखीमपुर खीरी : ​श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती
कार्यक्रम की तस्वीर
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​लखीमपुर शहर में पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज (सी.बी.एस.ई.) में शुक्रवार को प्रखर राष्ट्रवादी, प्रख्यात चिंतक एवं एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उल्लास के साथ मनाई गई।


​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा पुष्पार्चन के साथ हुआ।


​समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं (भैया-बहनों) ने भाषण, संस्मरण और कविताओं के माध्यम से पंडित जी के जीवन-वृत्त तथा राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र वक्ताओं ने उनके 'अंत्योदय' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान ही पंडित जी का मुख्य लक्ष्य था।


​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रवण कुमार अवस्थी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों, सिद्धांतों एवं दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडित जी का जीवन सादगी, त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति था। उनका एकात्म मानववाद संपूर्ण विश्व को मानवता और सौहार्द का मार्ग दिखाता है। प्रधानाचार्य जी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि उनके उच्च नैतिक विचारों को केवल स्मरण न करें, बल्कि अपने दैनिक आचरण में उतारकर एक समर्थ व समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान/शांति पाठ के साथ हुआ।


​इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।