Tuesday, 15 September 2026 | 2:27 PM
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प्रयागराज-‘‘बचपन बचाओ आन्दोलन‘‘ के तहत बाल श्रम प्राविधानों के अनुसार निरीक्षण की कार्यवाही में 13 बाल/किशोर श्रमिकों को कराया गया अवमुक्त

प्रयागराज- लालाराम, सहायक श्रम आयुक्त, उ0प्र0 ने बताया है कि ‘‘बचपन बचाओ आन्दोलन‘‘ के तहत जनपद-प्रयागराज में जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार बालक एवं किषोर प्रतिषेध व विनियमन अधिनियम, 1986 एवं यथासंषोधित 2016 के अनुसार जनपद-प्रयागराज में बाल श्रम प्राविधानों के अनुसार निरीक्षण की कार्यवाही करते हु
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प्रयागराज-‘‘बचपन बचाओ आन्दोलन‘‘ के तहत बाल श्रम प्राविधानों के अनुसार निरीक्षण की कार्यवाही में 13 बाल/किशोर श्रमिकों को कराया गया अवमुक्त
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प्रयागराज-

लालाराम, सहायक श्रम आयुक्त, उ0प्र0 ने बताया है कि ‘‘बचपन बचाओ आन्दोलन‘‘ के तहत जनपद-प्रयागराज में जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार बालक एवं किषोर प्रतिषेध व विनियमन अधिनियम, 1986 एवं यथासंषोधित 2016 के अनुसार जनपद-प्रयागराज में बाल श्रम प्राविधानों के अनुसार निरीक्षण की कार्यवाही करते हुए कुल 13 बाल/किशोर श्रमिकों को अवमुक्त कराया गया।
कार्यवाही के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश चन्द्र सरोज, डाॅ0 महेन्द्र प्रताप सिंह, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, निरंकार सिंह एवं अवनीष कुमार त्रिपाठी की संयुक्त टीम द्वारा ए0एच0टी0यू0 के सहयोग से कुल 12 निरीक्षण के सापेक्ष 13 बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें बाल/किशोर श्रम से अवमुक्त कराया गया तथा चिन्हांकन कर सेवायोजकों के विरूद्ध निरीक्षण टिप्पणियां जारी की गई। निरीक्षण के उपरान्त अवमुक्त किशोर श्रमिकों के पुनर्वासन की कार्यवाही अपनायी जा रही है। बाल/किशोर श्रमिकों के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन के माध्यम से ऐसे बालकों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर बल दिया जाएगा। किशोर श्रमिकों के अभिभावकों को उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित किया जायेगा। इसके साथ-साथ ही अवमुक्त कराए गए बाल व किशोर श्रमिकों को बाल श्रमिक विद्या योजना के अन्तर्गत पात्रतानुसार लाभ दिलाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त मा0 राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा दिनांकः 01 जून, 2023 से 30 जून, 2023 तक बाल श्रम उन्मूलन माह मनाये जाने के निर्देष दिए गए। उक्त के अनुक्रम में लालाराम, सहायक श्रमायुक्त के द्वारा सेवायोजकों से बाल/किशोरों से कार्य न करवाये जाने के संबंध में आहवाहन किया गया और साथ ही यदि किसी सेवायोजक के द्वारा बालकों एवं किशोरों से श्रम कार्य कराया जायेगा, तो ऐसी स्थिति में ऐसे सेवायोजकों के विरूद्ध बालक एवं किशोर प्रतिषेध व विनियमन अधिनियम,1986 एवं यथासंषोधित 2016 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार न्यूनतम 06 माह की जेल जिसे बढ़ाकर 02 वर्ष तक किया जा सकता है अथवा न्यूनतम रू0 20,000/- का जुर्माना जिसे बढ़ाकर रू0 50,000/- तक किया जा सकता है अथवा दोनों ही।

द दस्तक 24
प्रभारी पत्रकार तहसील कोरांव प्रयागराज उमाशंकर कुशवाहा 7571974858