
लखनऊ(द दस्तक 24): माननीय रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शनिवार को लखनऊ में फैजुल्लागंज सहित गोमती नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में तय किया गया कि आईआईएम रोड से पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती नदी के बाएं तट पर लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण कराया जाएगा। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी की निकासी बाधित होने की समस्या के समाधान के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक विस्तृत जल निकासी नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर कार्य करें। जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के तत्काल सुदृढ़ीकरण के भी निर्देश दिए गए।
फैजुल्लागंज में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि फैजुल्लागंज में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र ही प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक का समन्वित शैक्षणिक संस्थान स्थापित किया जाएगा।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जलभराव प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के रूप में उच्चीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवीए के स्थान पर 132 केवीए का नया सब-स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी लखनऊ की आत्मा है। इसके अविरल और निर्मल प्रवाह के लिए आवश्यक सभी कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि तटबंध, पंपिंग स्टेशन और नालों की योजनाएं एक-दूसरे के पूरक के रूप में तैयार हों, ताकि अत्यधिक वर्षा या नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में भी बस्तियों में पानी जमा न हो।
ड्रोन और मशीनों से हो रहा एंटी-लार्वा छिड़काव व फॉगिंग
लखनऊ के बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीन, पांच स्वीपिंग मशीन और आठ ट्रैक्टर टैंकरों के माध्यम से एंटी-लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है। इसके अलावा 11 टाटा एस माउंटेड और 23 हैंड-हेल्ड मशीनों से फॉगिंग की जा रही है।
प्रभावित क्षेत्रों में 75 वाटर टैंकर, 36 मोबाइल शौचालय, 179 प्रकाश बिंदु और 135 मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था की गई है। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी संचालित किया जा रहा है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1077 तथा छह कंट्रोल प्वाइंट संचालित हैं।
सरकार की ओर से प्रस्तावित तटबंध, पंपिंग स्टेशन और जल निकासी परियोजनाओं को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।