Tuesday, 15 September 2026 | 2:37 PM
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लखनऊ:परम पूज्य भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी का परिनिर्वाण, शिवकन्या कुशवाहा एवं स्वामी प्रसाद मौर्य ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 नवम्बर 2025 बौद्ध धर्म के महान आचार्य एवं कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष परम पूज्य भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी का लगभग 90 वर्ष की आयु में मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में उपचार के दौरान आज शांतिपूर्वक परिनिर्वाण हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही बौद्ध समाज सहित समस्त अनुयायि
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लखनऊ:परम पूज्य भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी का परिनिर्वाण, शिवकन्या कुशवाहा एवं स्वामी प्रसाद मौर्य ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
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लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 नवम्बर 2025 बौद्ध धर्म के महान आचार्य एवं कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष परम पूज्य भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी का लगभग 90 वर्ष की आयु में मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में उपचार के दौरान आज शांतिपूर्वक परिनिर्वाण हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही बौद्ध समाज सहित समस्त अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई।

भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी ने अपना पूरा जीवन बुद्ध, धम्म और संघ की सेवा में समर्पित कर दिया था। वे समाज में समानता, करुणा और अहिंसा के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में अग्रणी रहे। उनका जीवन बौद्ध दर्शन की सादगी, अनुशासन और करुणा का अद्भुत उदाहरण रहा।

उनके परिनिर्वाण के समाचार पर जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शिवकन्या कुशवाहा तथा अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य लखनऊ स्थित अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी के अंतिम दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रीमती शिवकन्या कुशवाहा ने कहा कि “भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी का जाना हमारे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सदैव मानवता, समानता और बौद्ध करुणा के सिद्धांतों को जिया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा।”

स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “वे बौद्ध समाज के महान मार्गदर्शक थे। उनके द्वारा दिखाया गया धम्मपथ सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।”

भदंत ज्ञानेश्वर महास्थाविर जी के परिनिर्वाण से कुशीनगर भिक्षु संघ सहित समूचे बौद्ध समाज में गहरा शोक व्याप्त है। उनके अनुयायियों और शिष्यों ने कहा है कि वे उनके बताए मार्ग पर चलते हुए धम्म और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेते हैं।