Tuesday, 15 September 2026 | 1:56 PM
उत्तर प्रदेश

जौनपुर:पिछडा़ वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष मंत्री पारसनाथ मौर्य जी की द्वितीय पुण्य तिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में किया याद

परम पूज्य निर्वाण प्राप्त पूर्व मंत्री पारसनाथ मौर्य जी के पुण्य तिथि पर सम्राट प्रियदर्शी अशोक मिशन के तत्वावधान में सम्राट् अशोक भवन लखनपुर जौनपुर में द्वितीय पुण्य तिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया गया । इस मौके पर जौनपुर जिले के नगरपालिका परिषद अध्यक्ष मनोरमा मौर्य एवं उनके प्रतिनिधि राम सूर
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जौनपुर:पिछडा़ वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष मंत्री पारसनाथ मौर्य जी की द्वितीय पुण्य तिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में किया याद
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परम पूज्य निर्वाण प्राप्त पूर्व मंत्री पारसनाथ मौर्य जी के पुण्य तिथि पर सम्राट प्रियदर्शी अशोक मिशन के तत्वावधान में सम्राट् अशोक भवन लखनपुर जौनपुर में द्वितीय पुण्य तिथि को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया गया । इस मौके पर जौनपुर जिले के नगरपालिका परिषद अध्यक्ष मनोरमा मौर्य एवं उनके प्रतिनिधि राम सूरत मौर्य , युवा नेता विवेक कुमार मौर्य , युवा नेता विनय कुमार मौर्य , जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाह के भाई राम सरन कुशवाहा , प्रियदर्शी अशोक मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु जी के नाम से विख्यात संजय मौर्य जी, लोक मंगल दल पूर्व अध्यक्ष प्रदीप मौर्य , जिला शाक्य मौर्य कुशवाहा महासभा के जिला अध्यक्ष कमकाकांत मौर्य, मिशनरी सोसाइटी के संरक्षक दूधनाथ मौर्य ,राम जियावन मौर्य, रणजीत मौर्य, जिला शाक्य मौर्य सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद मौर्य , जौनपुर सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार मौर्य, तमाम अम्बेडकर वादी लीडर सामाजिक कार्यकर्ता एवं कट्टर मिशनरी साथी उपस्थिति रहे ।

कार्यक्रम की शुरुआत‌‌ पूर्व मंत्री पारसनाथ मौर्य जी के पुत्र राजीव रत्न‌ मौर्य एवं उनकी धर्मपत्नी रेशमी‌मौर्य ने दीपक जलाकर फूल अर्पित कर किया । इस अवसर पूज्य भंते जी द्वारा बुद्ध वन्दना त्रिरसरण पंचशील के उच्चारण किया गया ।

प्रियदर्शी अशोक मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पारसनाथ मौर्य जी आजीवन पिछडों शोसितों के मार्गदर्शक के रूप में हमेशा कार्य करते रहे उनके परामर्श से जौनपुर में एक बड़ी टीम आज देश के अन्य हिस्सों में मिशनरी साथियों की अगुवाई कर रहा हैं , इसलिए उनके आदर्श को यह मिशनरी टीम कभी नहीं भुलेगा। वह हमारे प्रेरणा स्रोत रहे हैं इसलिए आज हम उनके पुण्य तिथि को प्रेरणा दिवस के रुप में याद कर रहे हैं। पारसनाथ मौर्य के त्याग एवं बलिदान को यह समाज कभी नहीं भुलेगा ।