सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों के सर्टिफिकेशन के लिए आईटी नियम 2021 में बदलाव करने पर विचार कर रही है। यह कदम 'सतलुज' फिल्म को लेकर हुए विवाद के बीच उठाया जा रहा है। दरअसल, इसे बिना किसी मंजूरी के रिलीज किया गया था। पीटीआई की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर किसी भी फिल्म के रिलीज होने से पहले सेंसर बोर्ड से अनिवार्य सर्टिफिकेशन और मंजूरी लेने का नियम लागू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए आईटी नियमों में बदलाव जरूरी है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार जी5 के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी विचार कर रही है, क्योंकि इस ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बिना सेंसर वाली फिल्म 'सतलुज' को दिखाया था। इस फिल्म पर सेंसर बोर्ड अभी विचार कर रहा था और इसमें कई कट लगाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि अभी ओटीटी कंटेंट सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं आता है। 3 जुलाई को जी5 पर फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सरकार ने इस फिल्म को हटाने का आदेश दिया। वहीं बिना सर्टिफिकेशन के निजी जगहों पर 'सतलुज' की स्क्रीनिंग के बारे में सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कानून का पालन सुनिश्चित करे। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।
मनोरंजन
फिल्म ‘सतलुज’ विवाद के बाद सरकार का नया कदम
सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों के सर्टिफिकेशन के लिए आईटी नियम 2021 में बदलाव करने पर विचार कर रही है। यह कदम 'सतलुज' फिल्म को लेकर हुए विवाद के बीच उठाया जा रहा है। दरअसल, इसे बिना किसी मंजूरी के रिलीज किया गया था। पीटीआई की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि सरकार ओटीटी प्लेटफॉर
Read in your preferred language.