Tuesday, 03 November 2026 | 8:30 PM
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गया: बाल विवाह मुक्त गया अभियान को लेकर आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को दिया गया प्रशिक्षण, चार प्रखंडों में जागरूकता रथ रवाना

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गया: बाल विवाह मुक्त गया अभियान को लेकर आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को दिया गया प्रशिक्षण, चार प्रखंडों में जागरूकता रथ रवाना

बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से सोमवार को खिजरसराय प्रखंड कार्यालय सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला विकास निगम एवं कवच परियोजना (Centre DIRECT) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में खिजरसराय, अतरी, मोहड़ा एवं नीमचक बथानी प्रखंड की आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान बाल संरक्षण, बच्चों के मौलिक अधिकार, जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान तथा बाल विवाह की रोकथाम में आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास को प्रभावित करता है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
इस अवसर पर बीडीओ पूजा गहलौत, सीडीपीओ मोना कुमारी एवं डीपीएम जयवंती सिन्हा सहित महिला विकास निगम के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथों को रवाना किया।
ये जागरूकता रथ चारों प्रखंडों की सभी पंचायतों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, इसके दुष्परिणामों तथा बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने, प्रत्येक बेटी को शिक्षा का अधिकार दिलाने, बच्चों का सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने तथा बाल विवाह के विरुद्ध सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना संबंधित प्रशासनिक एवं बाल संरक्षण इकाइयों को दें तथा इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
शिक्षित बेटी, सुरक्षित बचपन – सशक्त समाज की पहचान।