Thursday, 29 October 2026 | 3:35 PM
भारत

गया: जिले के सभी विद्यालयों में आधारभूत संरचना को लेकर बैठक

Share:
गया: जिले के सभी विद्यालयों में आधारभूत संरचना को लेकर बैठक
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के अंतर्गत गया जिले के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना के विकास एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर आज जिला परिषद सभागार में माननीय अध्यक्ष, बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार की उपस्थिति में जिले के माननीय विधायकों एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा, आवश्यक निर्माण कार्यों की पहचान, प्रस्तावित योजनाओं की प्राथमिकता तय करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
      बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, गया ने बताया कि सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आवश्यकतानुसार लघु निर्माण, रंग-रोगन एवं मरम्मत संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इसके अंतर्गत विद्यालय भवनों की रंगाई-पुताई, शौचालय निर्माण एवं मरम्मत, विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या का समाधान तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सहित अन्य छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। इन सभी कार्यों को हर हाल में 15 नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
       उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना के विकास की आवश्यकता है, वहां साइकिल स्टैंड निर्माण, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए शिक्षा विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वेक्षण के उपरांत माननीय विधायकों से विद्यालयों की प्राथमिकता सूची प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक आधारभूत संरचना संबंधी कार्य कराए जाएंगे।
       बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अगले एक महीने के भीतर सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के माध्यम से यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि प्रत्येक विद्यालय में हर तीन महीने पर नियमित रूप से विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित हो, ताकि विद्यालयों की समस्याओं की समीक्षा कर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
        जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए। प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छ पेयजल, उपयोग योग्य शौचालय एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि माननीय विधायकों द्वारा किसी विद्यालय का औचक निरीक्षण किया जाता है, तो निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों एवं दिए गए सुझावों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा अनुपालन प्रतिवेदन संबंधित माननीय विधायक को उपलब्ध कराया जाए।
*बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता : डॉ. प्रेम कुमार*
  / बैठक को संबोधित करते हुए माननीय अध्यक्ष, बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। इसके लिए विद्यालयों में बेहतर भवन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, सुरक्षित वातावरण तथा अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता अत्यंत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए तथा जहां भी कमियां पाई जाती हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान का उद्देश्य विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
     डॉ. प्रेम कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से प्राथमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा के विस्तार तथा विद्यालयों तक बच्चों की पहुंच बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। वर्तमान में समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों के प्रशिक्षण, समावेशी शिक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास पर कार्य किया जा रहा है।
    उन्होंने पीएम पोषण योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा पीएम श्री विद्यालय योजना के माध्यम से चयनित विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए साइकिल योजना, पोशाक योजना एवं छात्रवृत्ति योजनाओं सहित विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों की विद्यालयों तक पहुंच बढ़ाना, आर्थिक कठिनाइयों को कम करना तथा विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने मॉडल स्कूलों के विकास एवं विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया।
*योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय पर जोर*
     डॉ. प्रेम कुमार ने अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के अंतर्गत तैयार योजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वीकृति दिलाकर धरातल पर उतारा जाए। विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करते हुए प्राथमिकता के आधार पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
      उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों एवं जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों से आपसी सहयोग के साथ कार्य करते हुए गया जिले के विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने की अपील की।
       बैठक में विद्यालयों की आवश्यकताओं की पहचान, लघु निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने, बड़े निर्माण कार्यों के लिए प्राथमिकता सूची तैयार करने, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की नियमित बैठक आयोजित करने तथा विद्यालयों में स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
       बैठक में माननीय विधायक श्री वीरेंद्र सिंह, माननीय विधायक श्री उपेंद्र प्रसाद माननीय विधायक श्रीमती दीपा मांझी, माननीय विधायक श्री रोमित कुमार, माननीय विधायक श्री उदय कुमार, माननीय विधायक बोधगया के प्रतिनिधि, माननीय विधायक बेलागंज के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।