Tuesday, 15 September 2026 | 4:03 PM
भारत

फर्रुखाबाद:सुपोषित बना बच्चों का भविष्य संवार रहीं सुलोचना

फर्रुखाबाद, 30 जुलाई 2022 आज हर किसी की तमन्ना होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ और खुशहाल बने तो इसके लिए जरुरी है कि बच्चे की उचित देखभाल हो और संतुलित भोजन मिले l इसके लिए हम सभी को खुद से ज़िम्मेदारी निभानी होगी तभी हम अपने बच्चे को अच्छा और स्वस्थ जीवन दे पाएंगे l बच्चों को कुपोषण नाम की बीमारी घेरन
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फर्रुखाबाद:सुपोषित बना बच्चों का भविष्य संवार रहीं सुलोचना
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फर्रुखाबाद, 30 जुलाई 2022 आज हर किसी की तमन्ना होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ और खुशहाल बने तो इसके लिए जरुरी है कि बच्चे की उचित देखभाल हो और संतुलित भोजन मिले l इसके लिए हम सभी को खुद से ज़िम्मेदारी निभानी होगी तभी हम अपने बच्चे को अच्छा और स्वस्थ जीवन दे पाएंगे l बच्चों को कुपोषण नाम की बीमारी घेरने न पाए इसी का बीड़ा नवाबगंज ब्लॉक के चिक वाली गली की रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुलोचना ने उठा रखा है l
सुलोचना का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में वर्ष 1991 से सेवा दे रहीं हैं | शुरू-शुरू में गृह भ्रमण के दौरान लोग जानकारी देने से कतराते थे, धीरे-धीरे लोगों का विश्वास जीता और जो बात कहती थी उसे लोग ध्यान से सुनते थे और मानते थे | इधर दो वर्ष के दौरान 15 संस्थागत प्रसव कराए और लगभग 70 फॉर्म कन्या सुमंगला योजना के भराए हैं l इसके साथ ही केन्द्र पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने आती है तो उनकी भी जन्मजात विकृति वाले बच्चों को चिन्हित कराने में मदद करती हूँ | मेरे यहां इस समय कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है l
अंश की मां अंजू ने बताया कि नवम्बर 2020 में जब अंश का जन्म हुआ तो वह कमजोर था l आंगनबाड़ी दीदी ने कंगारू मदर केयर के बारे में जानकारी दी और कहा कि बच्चे को अपने सीने से चिपकाकर रखो और सिर्फ अपना ही दूध पिलाना है, ऊपर का कुछ नही देना है| इन सब बातों पर अमल किया तो मेरा अंश स्वस्थ होने लगा l अब इस माह दीदी ने मेरे बच्चे का वजन किया तो वह नौ किलोग्राम से ऊपर था | अभी भी हम आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाले पुष्टाहार को अपने बच्चे को खिला रहे हैं l मैं दिल से दीदी का धन्यवाद करती हूँ, सही जानकारी देने के लिए |
सुलोचना कहती हैं जब से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ‘अभियान चला तब से मैंने जनसमुदाय को नाटक के माध्यम से भ्रूण हत्या, बेटियां आज किसी से भी कम नहीं हैं के बारे में जागरुक किया l इसके लिए मुझे सन 2019 में जिलाधिकारी मोनिका रानी द्वारा और वर्ष 2020 में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया | इसके साथ ही मिशन शक्ति अभियान के तहत वर्ष 2020 में नारी सशक्तिकरण के लिए मुझे डीपीओ भारत प्रसाद द्वारा सम्मान दिया गया l सुलोचना कहती हैं कि मेरे पास शून्य से छह वर्ष तक की कुल 80 बेटियां और 67 बेटे पंजीकृत हैं | यह कहीं न कहीं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ही परिणाम है कि आज बेटियां अधिक हैं और बेटे कम l

ज़िला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने बताया कि हमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को कोई भी काम दिया जाए उसमें पीछे नहीं रहती हैं l स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर चलाए जाने वाले अभियान जैसे पोलियो, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाना हो या नियमित टीकाकरण, लोगों को जागरूक कर कोरोना से बचने के लिए कोविड टीकाकरण आदि अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं l
नवाबगंज ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आज हमारी कार्यकर्ता हर क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं चाहे पोषण सुधारने का स्तर हो या स्वास्थ्य विभाग का कोई भी काम, लोगों के वोटर कार्ड बनवाना हो, या चुनाव के दौरान वोट के लिए जागरूक करना, कोरोना के समय में भी इन्होंने समाज को जागरूक करने का काम किया l