Tuesday, 15 September 2026 | 4:03 PM
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फर्रुखाबाद: म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कैप्टन गिरिजा शंकर बने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 15 जुलाई 2026 म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य कैप्टन गिरिजा शंकर को वर्ष 2026 की राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (National Children's Science Congress) के लिए जनपद फर्रुखाबाद का जिला समन्वयक (District Coordinator) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शिक्षा न
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फर्रुखाबाद: म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कैप्टन गिरिजा शंकर बने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 15 जुलाई 2026 म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य कैप्टन गिरिजा शंकर को वर्ष 2026 की राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (National Children's Science Congress) के लिए जनपद फर्रुखाबाद का जिला समन्वयक (District Coordinator) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश तथा जिला विद्यालय निरीक्षक फर्रुखाबाद के निर्देशों के क्रम में की गई है।

कैप्टन गिरिजा शंकर ने बताया कि वर्ष 2026 की राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की मुख्य थीम "टिकाऊपन के लिए विज्ञान और नवाचार" (Science and Innovation for Sustainability) निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं शोध आधारित परियोजनाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

इन पांच विषयों पर तैयार होंगे प्रोजेक्ट

प्रतियोगिता में छात्र-छात्राएं निम्नलिखित उप-विषयों में से किसी एक पर अपना मौलिक शोध प्रोजेक्ट तैयार करेंगे—

कचरा प्रबंधन के लिए R5 (Reduce, Reuse, Retrieve, Redesign एवं Recycle), ऊर्जा के लिए E4 (Explore, Experiment, Enhance एवं Evolve), जल संरक्षण, संचयन, दोहन एवं पुनर्चक्रण, खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य

टिकाऊ विकास के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों का अनुप्रयोग

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता में किसी प्रकार के कार्यशील या अकार्यशील मॉडल स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रतिभागियों को केवल तथ्यों, साक्ष्यों और मौलिक शोध पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना होगा। किसी भी प्रकार की नकल को अस्वीकार किया जाएगा।

विद्यालय स्तर से शुरू हुई प्रतियोगिता

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ 15 जुलाई से विद्यालय स्तर पर हो चुका है। इसके बाद प्रतियोगिता ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होगी। विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों से शोध परियोजनाएं तैयार कराई जाएंगी।

कैप्टन गिरिजा शंकर ने बताया कि आंचलिक विज्ञान केंद्र, लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और शोध संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से मौलिक एवं वास्तविक शोध परियोजनाएं तैयार करने का आह्वान किया।

जूनियर और सीनियर वर्ग के लिए पात्रता

जूनियर वर्ग में कक्षा 6 से 9 तक के वे छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे जिनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2016 के बीच है। वहीं सीनियर वर्ग में कक्षा 10 से 12 तक के वे विद्यार्थी भाग लेंगे जिनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2013 के बीच है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयु सीमा लागू नहीं होगी और उनका वर्गीकरण अध्ययनरत कक्षा के आधार पर किया जाएगा।

ब्लॉक स्तर पर 5 से 10 छात्र कर सकेंगे प्रतिभाग

जिला समन्वयक ने बताया कि परियोजना निर्माण संबंधी दिशा-निर्देश जनपद के एडेड स्कूल समूह पर साझा किए जा चुके हैं। ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता की तिथि, स्थल और समन्वयकों की नियुक्ति जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय से जूनियर एवं सीनियर वर्ग में 5 से 10 छात्र-छात्राएं ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर सकेंगे।

अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश

जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार ने जनपद के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अधिकतम छात्र-छात्राओं का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केवल पंजीकृत प्रतिभागी ही प्रतियोगिता में शामिल हो सकेंगे तथा सभी पंजीकृत विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

कैप्टन गिरिजा शंकर ने सभी विद्यालयों से अपील की है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराकर उन्हें वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार के इस राष्ट्रीय मंच से जोड़ें, जिससे जनपद के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।