Tuesday, 03 November 2026 | 8:29 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:ऑडिट बैठक से अनुपस्थित 11 ग्राम पंचायत सचिवों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश

फर्रुखाबाद में वित्तीय वर्ष 2020-21 की लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण को लेकर हुई समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने और अभिलेख उपलब्ध न कराने पर 11 ग्राम पंचायत सचिवों के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व से निलंबित दो ग्राम विकास अधिकारियों के आरोप पत्र में भी बैठक से अनुपस्थिति और कार्य में उदासीनता का बिंदु जोड़ने का अनुरोध किया गया है।
Share:
फर्रुखाबाद:ऑडिट बैठक से अनुपस्थित 11 ग्राम पंचायत सचिवों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश
फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) माननीय पंचायती राज समिति (2025-26) की बैठकों की कार्यसूची के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लंबित ऑडिट प्रस्तरों एवं आपत्तियों के निस्तारण को लेकर 02 नवंबर 2026 को विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी, फर्रुखाबाद द्वारा की गई।
समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने तथा ऑडिट से संबंधित अभिलेख उपलब्ध न कराने के मामले को मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से लिया। बैठक में प्रतिभाग न करने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों का 02 नवंबर 2026 का एक दिन का वेतन अवरुद्ध किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
वेतन रोकने के लिए संबंधित कार्मिकों के नामों में विवेक कुमार (विकास खंड कायमगंज), शशिदेव सिंह (कायमगंज), जयवीर सिंह (कायमगंज), रेनू शाक्य (कायमगंज), प्रशान्त कटियार (नवाबगंज), शिवपाल सिंह (नवाबगंज), प्रदीप यादव (नवाबगंज), राजीव गौतम (शमसाबाद), मोहित यादव (शमसाबाद), रंजीत यादव तथा शुभम तिवारी शामिल हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी, फर्रुखाबाद द्वारा जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजकर उक्त कार्मिकों का एक दिन का वेतन रोकने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही सूची में शामिल पूर्व से निलंबित ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप यादव एवं मोहित यादव के विरुद्ध जारी किए जाने वाले आरोप पत्र में समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहने तथा शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने के बिंदु को भी शामिल किए जाने का अनुरोध किया गया है।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक लंबित ऑडिट प्रस्तरों से संबंधित जिन ग्राम पंचायतों के अभिलेख अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, उन्हें भी तीन दिवस के भीतर संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण तथा संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।