Tuesday, 15 September 2026 | 2:38 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद: खरीदी गई कृषि भूमि पर कब्जे का आरोप, पीड़िता ने एसपी से एफआईआर दर्ज कर कब्जा दिलाने की लगाई गुहार।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जुलाई 2026 जनपद के थाना मऊदरवाजा क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपनी खरीदी हुई कृषि भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर भूमि को कब्जा मुक्त कराने और जान से मारने की धमकी देने के मामले
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फर्रुखाबाद: खरीदी गई कृषि भूमि पर कब्जे का आरोप, पीड़िता ने एसपी से एफआईआर दर्ज कर कब्जा दिलाने की लगाई गुहार।
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जुलाई 2026 जनपद के थाना मऊदरवाजा क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपनी खरीदी हुई कृषि भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर भूमि को कब्जा मुक्त कराने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहल्ला सरदार खां निवासी ऊषा शाक्य पत्नी घनश्याम शाक्य ने पुलिस अधीक्षक आरती सिंह को दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि उनके पति ने वर्ष 2013 में ग्राम बर्ना खुर्द, परगना भोजपुर, तहसील सदर स्थित लगभग दो बीघा कृषि भूमि (क्षेत्रफल 0.1620 हेक्टेयर) विशुनदयाल पुत्र वेदराम से पंजीकृत विक्रय पत्र (बैनामा) के माध्यम से खरीदी थी। भूमि खरीदने के बाद विक्रेता ने खेत पर मेड़ बनवाकर कब्जा भी सौंप दिया था, जिसके बाद से उनके पति लगातार उक्त भूमि पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे।

शिकायत के अनुसार, कुछ समय पूर्व पारिवारिक कार्य से बाहर जाने के कारण घनश्याम शाक्य ने खेत की देखरेख और खेती की जिम्मेदारी विशुनदयाल को ही सौंप दी थी। इसी दौरान विशुनदयाल का निधन हो गया। जब घनश्याम शाक्य वापस लौटे और अपने खेत पर पहुंचे तो देखा कि खेत की मेड़ तोड़कर ईंटें उखाड़ ली गई हैं तथा भूमि को पड़ोसी खेत में मिला दिया गया है।

पीड़िता का आरोप है कि जब उनके पति ने विशुनदयाल के पुत्र आलोक और अंशुल तथा परिवार के अन्य सदस्यों से खेत खाली करने और मेड़ पूर्ववत कराने की बात कही तो उन्होंने विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने खेत को अपना बताते हुए कब्जा छोड़ने से इनकार कर दिया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले की शिकायत 19 जुलाई 2026 को राजपूताना पुलिस चौकी (थाना जहानगंज) में की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 22 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, फिर भी समाधान नहीं निकल सका।

पीड़िता ने बताया कि उनके पति वर्तमान में अस्वस्थ हैं, इसलिए उन्होंने स्वयं पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने, अवैध कब्जा हटवाने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से इस प्रार्थना पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।