Monday, 14 September 2026 | 11:00 PM
उत्तर प्रदेश

चुनाव से पहले बदलाव: राज्यों में CM के साथ संगठन में भी फेरबदल की तैयारी में BJP

चुनावी राज्यों में मुख्यमंत्रियों को बदलने के साथ ही बीजेपी संगठनात्मक स्तर पर भी बड़े फेरबदल कर रही है। एक महीने पहले ही बिहार बीजेपी में संयुक्त सचिव रत्नाकर को पार्टी ने गुजरात इकाई का महासचिव बनाया था। रत्नाकर ने भीखू भाई दलसानिया की जगह ली थी, जो इस पद पर सबसे लंबे समय तक बने रहे। दलसानिया साल
Share:
चुनाव से पहले बदलाव: राज्यों में CM के साथ संगठन में भी फेरबदल की तैयारी में BJP
Read in your preferred language.

चुनावी राज्यों में मुख्यमंत्रियों को बदलने के साथ ही बीजेपी संगठनात्मक स्तर पर भी बड़े फेरबदल कर रही है। एक महीने पहले ही बिहार बीजेपी में संयुक्त सचिव रत्नाकर को पार्टी ने गुजरात इकाई का महासचिव बनाया था। रत्नाकर ने भीखू भाई दलसानिया की जगह ली थी, जो इस पद पर सबसे लंबे समय तक बने रहे। दलसानिया साल 2005 से 2021 तक महासचिव (संगठन) रहे और इस दौरान उनका बीजेपी के हर बड़े नेता के साथ उठना-बैठना रहा। अब दलसानिया को बिहार भेज दिया गया है।बीजेपी के इस बड़े फेरबदल में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या का इस्तीफा भी अहम है। बेबी रानी एक दलित नेता हैं जो आगरा की मेयर भी रह चुकी हैं। अब पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश में अहम जिम्मेदारी दे सकती है। बीजेपी संगठन में बीते साल नवंबर माह में बड़े फेरबदल हुए थे। चुनाव के अच्छे अनुभव वाले, जांचे-परखे नेताओं को अहम राज्यों की कमान सौंपी गई थी। इसलिए राधा मोहन सिंह को यूपी का प्रभारी बनाया गया, भूपेंद्र यादव को गुजरात और अरुण सिंह को कर्नाटक का जिम्मा दिया गया।

प्रभारी के पदों पर कुछ नए चेहरों को भी बीजेपी ने शामिल किया है। इनमें गोवा के सीटी रवि, उत्तराखंड और पंजाब के दुष्यंत गौतम, त्रिपुरा के विनोद सोनकर, हिमाचल प्रदेश के अविनाश राय खन्ना और मणिपुर के संबित पात्रा भी शामिल हैं। भूपेंद्र यादव और सुधीर गुप्ता को जहां गुजरात का सह-प्रभारी बनाया गया है तो वहीं गुप्ता को उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र में इलेक्शन इंचार्ज की जिम्मेदारी भी दी गई है। उत्तर प्रदेश में राधा मोहन सिंह के अंतर्गत सत्य कुमार, सुनील ओझा और संजीव चौरसिया को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें पीएम मोदी का करीबी तो माना ही जाता है, साथ में चुनावी प्रबंधन में महारत के लिए भी जाना जाता है। सत्य कुमार को तो हर उस चुनावी राज्य में नियुक्त किया जाता है जहां जंग मुश्किल मानी जाती है।

इस साल जनवरी में पीएमओ में पूर्व नौकरशाह अरविंद कुमार शर्मा को यूपी बीजेपी इकाई में बिना शोर-शराबे के शामिल किया गया था। शर्मा अब विधान परिषद के सदस्य हैं और फिलहाल राज्यभर में घूमकर वह पार्टी के लिए फीडबैक लाने का काम कर रहे हैं?उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष को भी इसी साल मार्च में बदला गया था। मदन कौशिक की जगह बंसी धर भगत को कमान सौंपी गई थी। वहीं, जून में पार्टी ने शारदा देवी को मणिपुर का नया अध्यक्ष बनाया था क्योंकि पूर्व अध्यक्ष एस टीकेंद्र की कोरोना से मई में मौत हो गई थी।