फर्रुखाबाद में बिना फायर एनओसी 174 नर्सिंग होम लाइसेंस, डीएम ने जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जून 2026 जनपद में निजी नर्सिंग होमों के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए बड़ी संख्या में नर्सिंग होमों को लाइसेंस जारी कर दिए, जिनमें से अधिकांश के पास अग्निशमन विभाग (फायर) की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तत्कालीन अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (अपर सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम के कार्यकाल में जिले में 174 नर्सिंग होमों के लाइसेंस जारी किए गए, जबकि इनमें से केवल 25 नर्सिंग होमों की ही फायर एनओसी ली गई। आरोप है कि शेष नर्सिंग होमों को बिना आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कराए ही लाइसेंस जारी कर दिया गया।

मामले को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि फायर विभाग की औपचारिक एनओसी के स्थान पर केवल एफए (फायर ऑडिट/संबंधित दस्तावेज) के आधार पर लाइसेंस जारी किए गए, जिससे मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। यदि किसी अमानक नर्सिंग होम में आग जैसी दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

इस पूरे प्रकरण पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जिले के सभी नर्सिंग होमों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच में जिन संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं मिलेगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना फायर एनओसी के संचालित नर्सिंग होमों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे तथा ऐसे संस्थानों का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए लखनऊ अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू की है। इसी क्रम में फतेहगढ़ स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से जारी लाइसेंसों की भी गहन समीक्षा की जा रही है।

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