विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और चीन के संबंधों पर एक बार फिर रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों के हित में द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर बनाए रखना है। हालांकि, उन्होंने साफ-साफ कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता अच्छे संबंधों के लिए जरूरी शर्त है। सीमा की स्थिति काफी हद तक दोनों देशों के रिश्तों की स्थिति तय करेगी। एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देश बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों कई मायनों में एक-दूसरे के बाजार हैं और आपूर्ति शृंखला का भी हिस्सा हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि 2020 की गर्मियों से 2024 की शरद ऋतु तक भारत-चीन संबंध बेहद खराब दौर से गुजरे। इसके पीछे मुख्य वजह सीमा क्षेत्रों की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता अच्छे संबंधों के लिए जरूरी है। सीमा की स्थिति बड़े स्तर पर दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करती है।
