फर्रुखाबाद:नन्दबाबा दुग्ध मिशन के तहत गौपालकों को दिया गया प्रशिक्षण, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य की दी जानकारी

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 अगस्त 2026 नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत स्वदेशी गौ संवर्धन योजना से चयनित गौपालकों के लिए विकास भवन, फतेहगढ़ में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक नन्दलाल वर्मा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. धीरज कुमार शर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, फर्रुखाबाद का बुके देकर स्वागत किया गया। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए गौपालकों को पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, उचित देखभाल और योजनाओं का लाभ उठाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर डॉ. जगत प्रकाश सिंह एवं श्री मनोज कुमार, राजकीय दुग्ध पर्यवेक्षक ने गौपालकों को पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों से बचाव, पशुओं की स्वच्छता, उचित पोषण तथा स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने गौपालकों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें पशुपालन से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

विभिन्न योजनाओं में मिल रहा अनुदान

कार्यशाला में नन्दबाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी गौपालकों को दी गई। अधिकारियों के अनुसार नन्दनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 गायों की परियोजना पर 62.50 लाख रुपये की लागत में लाभार्थी को 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।

इसी प्रकार मिनी नन्दनी कृषक समृद्धि योजना में 10 गायों की परियोजना के लिए 21.60 लाख रुपये की लागत पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत दो गायों की इकाई पर दो लाख रुपये की लागत में प्रति गाय 40 प्रतिशत, अधिकतम 80 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान बताया गया।

कार्यशाला में मुख्यमंत्री प्रगतिशील प्रोत्साहन योजना की भी जानकारी दी गई। इसके अन्तर्गत गिरि, साहिवाल, हरियाणा एवं थारपारकर जैसी उन्नत नस्ल की गायों के दुग्ध उत्पादन के आधार पर लाभार्थियों को 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने गौपालकों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने, वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने तथा स्वच्छ दुग्ध उत्पादन पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले में स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना रहा।

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