लखीमपुर खीरी : प्रतिबंधित होने के बाद भी धड़ल्ले से खुलेआम बिक रहा है कटरुआ

गोला गोकर्णनाथ : (द दस्तक 24 न्यूज़) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिले के जंगलों में बरसात के मौसम में एक बेहद अनोखी और दुर्लभ सब्जी पाई जाती है। जिसकी कीमत सुनकर अच्छे-अच्छे हैरान हो जाते हैं। चिकन और मटन से भी महंगी बिकने वाली यह सब्जी कटरुआ शाकाहारी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गोला गोकर्णनाथ सब्जी मंडी स्थित खुटार रोड पर प्रतिबंधित होने के बाद भी यह सब्जी खुलेआम धड़ल्ले से बेची जा रही है। इसकी शुरुआती कीमते आसमान छूती हैं। बाजारों में इस समय यह 800 से लेकर 1200 प्रति किलो के ऊंचे दामों पर बिक रही है। तराई के इस इलाके में स्थानीय लोग इसे बड़े चाव से कटरुआ के नाम से जानते और खाते हैं, इस सब्जी में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। कटरुआ के शौकीन इस खास सब्जी का स्वाद चखने के लिए पूरे साल भर बारिश के मौसम का बेसब्री से इंतजार करते हैं, चिकन और मटन से भी महंगी बिकने वाली यह सब्जी शाकाहारी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कटरुआ की सब्जी को शाकाहारियों का नॉनवेज भी कहा जाता है। यह सब्जी प्रोटीन से भरपूर होने के साथ साथ पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन, खनिज तथा एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सेवन ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकता है, इसलिए इसे डायबिटीज रोगियों के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। हार्ट के मरीजों के लिए भी कटरुआ की सब्जी बहुत लाभकारी होती है। कटरुआ मुख्य रूप से तराई के जंगलों में पाया जाता है। इसके बाद इसे बीनने के लिए स्थानीय लोग जंगलों का रुख करते हैं, जमीन खोदकर कटरुआ को बाहर निकाला जाता है लेकिन कथित तौर पर विभागीय सांठ-गांठ के चलते लगातार इसे जंगलों से निकाला जाता है। हैरानी की बात यह है कि प्रतिबंधों के बावजूद बाजारों में कटरुआ खुलेआम बिकता है। कटरुआ में कई आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। यह शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।

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