फर्रुखाबाद में तीन मामलों में दोषियों को सजा, पॉक्सो, गैर इरादतन हत्या और लूट के मामलों में अदालत का फैसला

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 09 जुलाई 2026 उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान एवं “मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण)” के तहत प्रभावी पैरवी का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। फतेहगढ़ पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, संबंधित थाना पुलिस तथा कोर्ट पैरोकारों के संयुक्त प्रयास से अलग-अलग तीन मामलों में न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।

पॉक्सो मामले में दो भाइयों को 4-4 वर्ष का कठोर कारावास

कोतवाली फर्रुखाबाद में वर्ष 2018 में दर्ज मु.अ.सं. 768/2018 के तहत धारा 354, 323, 506 आईपीसी एवं 7/8 पॉक्सो एक्ट के मामले में अभियुक्त संजीव एवं दिलीप, पुत्रगण तुलाराम, निवासी सिमित सुमाल, के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

मामले में प्रभावी पैरवी के बाद विशेष न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) ने 9 जुलाई 2026 को दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 4-4 वर्ष के कठोर कारावास तथा 14-14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस मामले में एडीजीसी तेज सिंह, एडीजीसी विकास कटियार, कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल प्राची एवं पैरोकार कांस्टेबल राजीव कुमार ने प्रभावी पैरवी की।

गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी को 5 वर्ष की सजा

कोतवाली कायमगंज में दर्ज मु.अ.सं. 198/2020 (धारा 304/504 आईपीसी) के मामले में अभियुक्त शिवजी पुत्र रामदास, निवासी ज्यौनी, के विरुद्ध विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।

प्रभावी पैरवी के उपरांत डीजे कोर्ट ने 9 जुलाई 2026 को अभियुक्त को दोषसिद्ध कर 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

इस मुकदमे में डीजीसी सुदेश प्रताप, एडीजीसी पंकज कटियार, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल सुदेश कुमार तथा पैरोकार कांस्टेबल श्रीकृष्ण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

25 वर्ष पुराने लूट के मामले में आरोपी को 4 वर्ष का कारावास

कोतवाली मोहम्मदाबाद में वर्ष 2001 में दर्ज मु.अ.सं. 270/2001 (धारा 392 आईपीसी) के मामले में अभियुक्त टीटू उर्फ सुल्तान गुप्ता, पुत्र रमेश चन्द्र गुप्ता, निवासी नीब करोरी, के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था।

लंबी सुनवाई के बाद एडीजे-03/डकैती कोर्ट ने 9 जुलाई 2026 को अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस मामले में एडीजीसी अनुज प्रताप सिंह, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल बन्टी कुमार तथा पैरोकार कांस्टेबल सुमित राठी ने प्रभावी पैरवी की।

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत तेज हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाना है। फतेहगढ़ पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन विभाग तथा कोर्ट पैरोकारों के समन्वित प्रयासों से इन तीनों मामलों में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि सुनिश्चित हुई, जो अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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