उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा को रामलला के दर्शन से पहले होटल में रोके जाने के मुद्दे पर सियासत और तेज हो गई है. किशोरी लाल शर्मा ने दावा किया कि प्रशासन को उनके दर्शन कार्यक्रम की पहले से सूचना थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें होटल से बाहर नहीं निकलने दिया. उन्होंने इसे सरकार की साजिश बताते हुए राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए.
अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ रामलला के दर्शन का कार्यक्रम पहले ही प्रशासन को बता दिया था. लेकिन देर रात करीब 1:30 बजे पुलिस होटल पहुंच गई और अगले दिन सुबह लगभग 11 बजे तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया. किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों से रोकने का कारण पूछा तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. उनके मुताबिक सरकार इस बात से डरी हुई है कि कहीं राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण से जुड़े कथित घोटालों की पोल न खुल जाए. उन्होंने उन खुफिया रिपोर्टों को भी खारिज किया, जिनमें यह दावा किया गया था कि कांग्रेस मंदिर परिसर में धरना देने की तैयारी कर रही थी. किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल भगवान राम के दर्शन करना था और धरना-प्रदर्शन की बात पूरी तरह निराधार है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बातें केवल भ्रम फैलाने के लिए प्रचारित की जा रही हैं.
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण का जिक्र करते हुए किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था से दान दिया है और जनता चाहती है कि यदि किसी ने उस धन में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
