फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 18 जून 2026 विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, सहकारिता, सिंचाई, विद्युत, मत्स्य, खाद्य एवं रसद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और किसानों को सरकारी योजनाओं तथा कृषि संबंधी नवीन जानकारियों से अवगत कराया।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के प्रयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र ने बताया कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने सभी किसानों से अपनी तथा परिवार के उन सदस्यों की फार्मर रजिस्ट्री कराने का अनुरोध किया, जिनके नाम पर कृषि भूमि दर्ज है। साथ ही उन्होंने मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने और भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए हरी खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा सड़ी हुई गोबर की खाद के उपयोग पर जोर दिया।
पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने किसानों को बताया कि जनपद के कई गांवों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने और इसके लिए कृषि विभाग से संपर्क करने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान प्रगतिशील किसान शिवप्रताप सिंह चौहान ने फार्मर रजिस्ट्री में अंश निर्धारण की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि भूमि अभिलेखों में हिस्सेदारी संबंधी त्रुटियों के कारण कई किसानों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है और संबंधित लेखपाल इस समस्या के समाधान में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। इस पर तहसील स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की गई।
उप क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रोली सिंह ने किसानों को जानकारी दी कि जनपद में तीन क्रय केंद्रों पर 15 जून 2026 से मक्का खरीद शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से अपनी उपज अधिक से अधिक संख्या में क्रय केंद्रों पर बेचने की अपील की गई।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मिश्रा ने किसानों को मृदा परीक्षण कराने और उसके अनुरूप उर्वरकों एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग की सलाह दी। उन्होंने किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ केसर, हल्दी एवं अन्य व्यावसायिक फसलों की खेती अपनाने तथा फसल चक्र के अंतर्गत दलहनी एवं तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी बनवाने की अपील की। उन्होंने 15 से 21 जून तक मनाए जा रहे योग सप्ताह के दौरान सभी नागरिकों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। साथ ही किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
किसान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों एवं बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि विकास और किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
