फिल्ममेकर अनिल शर्मा का कहना है कि जैसे ही उनके हाथ ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की स्क्रिप्ट आई, उन्हें उसी वक्त एहसास हो गया था कि यह फिल्म भारत की सबसे बड़ी हिट बन सकती है। 25 साल बाद, कई रिकॉर्ड बनाने और एक हिट फ्रेंचाइज बनने के बाद भी अनिल शर्मा खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि यह फिल्म आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अनिल शर्मा ने फिल्म को याद करते हुए कहा, ‘जिस दिन फिल्म के राइटर शक्तिमान तलवार ने मुझे इसकी कहानी सुनाई, उसी दिन मुझे समझ आ गया था कि यह भारत की सबसे बड़ी हिट फिल्म बन सकती है, और ऐसा हुआ भी।
‘मदर इंडिया’, ‘मुगल-ए-आजम’ और ‘शोले’ मेरी पसंदीदा फिल्में रही हैं, और मैंने कोशिश की कि यह फिल्म भी उसी लेवल की बने। यह फिल्म टॉप फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गई। ब्लॉकबस्टर कमाई के अलावा, इस फिल्म को करीब 10 करोड़ दर्शकों ने देखा, जो आज तक कोई फिल्म हासिल नहीं कर पाई। यहां तक कि ‘गदर 2’ का फुटफॉल भी इसका आधा ही था।’
रिलीज के दिन ‘लगान’ से टक्कर पर वह कहते हैं, ‘आज हम कहते हैं कि ‘लगान’ से मुकाबला था, लेकिन उस समय ऐसा कुछ नहीं था। उस दौर में दो-तीन बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज होती थीं और सभी अच्छा चलती थीं। लोग एक फिल्म देखने के बाद दूसरी फिल्म भी देखने जाते थे। वो मार्केटिंग का नहीं, दिल का दौर था।’
कास्टिंग को लेकर अनिल शर्मा कहते हैं, ‘लोग पूछते हैं कि क्या कोई और विकल्प था, लेकिन सनी देओल, अमरीश पुरी या बाकी कलाकारों के लिए हमारे पास दूसरा कोई विकल्प था ही नहीं।’
