बिहार की राजनीति में आजकल काफी उथल-पुथल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सबकुछ इतना आसाना नहीं है। सत्ता में बड़े फेरबदल की आहट के साथ ही जेडीयू में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। ये ऐसे समय में हो रहा है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाएं प्रबल हैं। सीएम की कुर्सी छोड़ना भी तय है।
जेडीयू की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च तय की गई है। इसके अगले दिन यानी 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 24 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। अगर, एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो 27 मार्च को मतदान कराया जाएगा। हालांकि, इसकी उम्मीद कम ही है। फिलहाल इस ओहदे पर नीतीश कुमार खुद काबिज हैं।
जनता दल यूनाइटेड के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि जेडीयू के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को ही एक बार फिर इस जिम्मेदारी के लिए चुना जा सकता है। पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सर्वसम्मति है। अगर, 24 मार्च तक कोई दूसरा नामांकन नहीं आता है, तो नीतीश कुमार का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय है। ये संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ को दिखाता है, भले ही वे बिहार के मुख्यमंत्री पद से विदा लेने की तैयारी में हों।
