फर्रुखाबाद:डीएम हुए सख्त फार्मर रजिस्ट्री आईडी न बनाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 14 नवंबर 2025 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाए जाने की धीमी प्रगति को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी सख्त रुख में दिखाई दिए। शासन के निर्देशानुसार जिले में किसानों की आईडी बनाने का अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है, किंतु कई विभागों की लापरवाही सामने आने पर डीएम ने कठोर निर्देश जारी किए हैं।

अब तक 150904 किसानों की बनी आईडी, 99258 शेष

जनपद में कुल 2,50,162 किसानों में से 1,50,904 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाई जा चुकी है। अभी 99,258 किसानों की आईडी बननी बाकी है। भारत सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनकी फार्मर रजिस्ट्री आईडी बन चुकी होगी।

इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक राजस्व ग्राम में कार्मिक तैनात कर आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। न्याय पंचायत स्तर पर भी अधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।

समीक्षा बैठक में फूटा डीएम का गुस्सा

14 नवंबर 2025 को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी अनुपस्थित पाए गए तथा कार्य की प्रगति भी अत्यंत धीमी रही।

इस लापरवाही पर डीएम ने कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग के अनुपस्थित एवं धीमी प्रगति वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

इन कर्मियों पर गिरेगी गाज

डीएम ने निम्न कर्मचारियों को लापरवाही का दोषी मानते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं—

कृषि विभाग: अभिनव प्रताप सिंह

पंचायत विभाग: संजीव कुमार यादव, रजित कुमार सिंह, रेखा, पूजा, अभय प्रताप सिंह, पंचायत सचिव देवांश सुमन, रणवीर सिंह, मोतीलाल यादव

राजस्व विभाग (लेखपाल): रघुवंश प्रताप, त्रिलोकी नाथ, आकाश भदौरिया, योगेन्द्र सिंह, अविनाश मिश्रा, कुलदीप राठौर द्वितीय, निधि सिंह, आशीष कुमार पाल, निखिल पाण्डेय, तनु कटियार, अतुल प्रताप सिंह, महेश्वर सिंह, रमाकांत

डीएम ने दिए कड़े निर्देश

जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि–मृतक वरासत, नामों में त्रुटि,

नाम मिसमैच जैसे सभी प्रकरण तत्काल संबंधित लेखपाल को उपलब्ध कराए जाएं। लेखपाल इन मामलों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि किसान की फार्मर आईडी बिना देरी के बनाई जा सके।

किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसानों को समय से लाभ उपलब्ध कराना है, इसलिए विभागीय शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।