फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 सितंबर 2025 शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर आज हम भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने न केवल सामाजिक असमानताओं और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि शोषितों, वंचितों और विशेष रूप से महिलाओं के लिए शिक्षा का द्वार खोलकर इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा।
सावित्री बाई फुले ने अपने पति समाज सुधारक ज्योतिराव फुले के सहयोग से पुणे में पहला महिला विद्यालय खोलकर वह कार्य किया, जिसकी कल्पना भी उस दौर में असंभव लगती थी। समाज की आलोचनाओं, तानों और विरोध के बावजूद वे अडिग रहीं और शिक्षा को महिलाओं का अधिकार बनाने के लिए संघर्ष करती रहीं।
आज हमारी महिलाएं विज्ञान, राजनीति, साहित्य, कला, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसका श्रेय उन महान प्रयासों को जाता है जो सावित्री बाई फुले ने शिक्षा के प्रसार के लिए किए। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही सच्चा सशक्तिकरण है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर माता सावित्री बाई फुले सहित उन सभी शिक्षकों और शिक्षिकाओं को हार्दिक बधाई और अनंत मंगलकामनाएं, जो निरंतर अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से समाज के भविष्य को गढ़ रहे हैं। माता सावित्री बाई फुले को कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
