फर्रुखाबाद:गुरु पूर्णिमा पर भाजपा ने किया संत समाज का सम्मान, जनपद भर में हुआ आयोजन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 जुलाई 2025 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनपद भर में संत समाज सम्मान समारोह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी मंडलों में स्थित प्रसिद्ध मठों और मंदिरों में संतों, पुजारियों एवं महंतों का अभिनंदन कर उन्हें भारतीय संस्कृति में गुरु की सर्वोच्च भूमिका का सम्मान दिया गया।

भाजपा जिलाध्यक्ष श्री फतेहचंद वर्मा ने कमालगंज स्थित राम जानकी मंदिर में कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए पुजारियों का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा पर्व का विशेष महत्व है और पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार जनपद के सभी प्रमुख मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित कर संत समाज को सम्मानित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वेदों, पुराणों और सनातन परंपरा को जीवंत बनाए रखने में महंतों और संतों की भूमिका अमूल्य है।

कमालगंज में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत सिद्ध गुफा स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी रतिराम दास जी महाराज, कथा वाचक राजू बमबम चतुर्वेदी, काव्य रामायणी राजन अवस्थी, पांचाल घाटी स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास जी महाराज का भव्य सम्मान किया गया। इस मौके पर भाजपा की पूर्व नगर प्रचार मंत्री पंकज, वरिष्ठ नेता गोपाल पालीवाल समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सदर विधानसभा क्षेत्र के फतेहगढ़ मंडल में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, जिला महामंत्री डीएस राठौर, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष रमला राठौर, जिला उपाध्यक्ष ममता सक्सेना, मंडल उपाध्यक्ष विटाना चौहान, रेखा सोमवंशी, अनिल प्रताप सिंह राठौर और मुकेश राठौर ने भाग लेकर धर्म गुरुओं एवं पुजारियों को सम्मानित किया।

वहीं फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम में पहुंचकर महंत ईश्वर दास जी महाराज एवं गुरुदेव मौनी महाराज का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम स्थित गौशाला में जाकर गायों को गुड़ भी खिलाया।

गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर आयोजित भाजपा का यह कार्यक्रम संत परंपरा, संस्कृति और गुरुओं के प्रति आदर प्रकट करने का प्रेरणादायक उदाहरण बना। जनपद भर में आयोजित कार्यक्रमों ने सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का सुंदर संदेश दिया।